शिव शर्मा की रिपोर्ट
छुईखदान _शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना संकुल केन्द्र घिरघोली विकास खंड छुईखदान जिला केसीजी छत्तीसगढ़ में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों को दैनिक जीवन में स्वच्छता का क्या महत्व है उसे बताया है प्रात: उठने से लेकर रात्रि विश्राम तक स्वच्छता को कैसे अपनाया जा सकता है जैसे सर्व प्रथम परमात्मा को याद करना, धरती माता को प्रणाम करना,बिस्तर समेटना,बाथरूम में फ्रेस होना , साबुन से हाथ धोना,ब्रश, कोलगेट, दातुन करना,साबुन से प्रति दिन नहाना, शरीर पर तेल लगाना, कपड़ों की स्वच्छता का ध्यान रखना,भोजन करने के पूर्व साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना,शौचालय से आने के बाद हाथ धोना,समय पर स्कूल जाना जो भी गृह कार्य और स्कूल का कार्य है उनको अनुशासन पूर्वक ईमानदारी से पूर्ण करना,दैनिक जीवन के साथ घर,स्कूल और अपने आसपास को स्वच्छ और साफ रखना कचरा को कूड़ेदान में ही डालना, अपने जूता मोजा,बस्ता और कापी पुस्तक का ध्यान रखना ,कभी भी नल को खुला न रखें,जितनी आवश्यकता है उतना ही पानी का उपयोग करे,पीने की पानी को ढककर रखें,बाजार से कोई भी उल्टा सीधा चीजों या खाद्य सामग्री का सेवन न करे दुकानों में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की पाउच सामग्री चिप वगैरह आदि का उपयोग न करे ,साफ सफाई का ध्यान रखें।बाजार से जो भी चीजें लाते हैं उन्हें अच्छे से साफ करके खाए या बनाए ,सब्जी फल आदि को पहले धोएं फिर काटे, इस तरह से करते हैं तभी हम शारीरिक और मानसिक स्थिति में पूर्ण रूप से स्वस्थ रहेंगे और उससे बहुत सारे लाभ होंगे और जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे जो अपने जीवन में अनुशासन को अपनाता है वहीं व्यक्ति एक दिन सफलता को प्राप्त करता है आज बच्चों को हाथ कैसे धोना है उनके विभिन्न तरीकों से अवगत कराया गया आज के कार्यक्रम में प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन,सहायक शिक्षक गोकुल राम वर्मा,शाला समिति के अध्यक्ष राम किशुन जंघेल,ग्राम पटेल राजकुमार जंघेल,सक्रिय महिला गणेशिया बाई जंघेल,ग्राम पंचायत मुरई के पंच प्रतिनिधि हिंछा राम धुर्वे,रसोइया मान बाई, सुरजा बाई,स्वीपर अनुसुइया और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
