नारायणपुर। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत् जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु राणनीति व कार्ययोजना अनुसार 31 मार्च 2029 तक बाल विवाह मुक्त बनाना है, जिसके तहत् वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया जाना है, जिस हेतु जिले में 46 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किए जाने हेतु चिन्हाकित किया गया है। चिन्हाकित ग्राम पंचायतों में विगत 02 वर्षाे से बाल विवाह के प्रकरण शुन्य दर्ज किए गए है, जिसमें ग्राम पंचायत बाकुलवाही, बेलगांव, बागडोंगरी, बोरण्ड, बड़े जम्हरी, फरसगांव, हलामीमुंजमेटा, नाउमुंजमेटा, टिमनार, गरांजी, दुग्गाबेंगाल, देवगांव, गढ़बेंगाल, बिंजली, माहका, पालकी, केरलापाल, खड़कागांव, खोड़गांव, सुलेंगा, बेनूर, मातला, भाटपाल, कोलियारी, बागबेड़ा, कुढ़ारगांव, रेमावण्ड, बोरावण्ड, नेलवाड़, मालिंगनार, धौड़ाई, पल्ली, कन्हारगांव, सुलेंगा धौड़ाई, महिमागवाड़ी, दण्डवन, कौशलनार, छिनारी, बड़गांव, तारागांव, आतरगांव, मढ़ोनार, छोटेडोंगर, गौरदण्ड, चमेली और राजपुर शामिल हैं।
समस्त जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं समस्त नागरिकों से आग्रह है कि उक्त ग्राम पंचायतों में बाल विवाह के संबंध में विगत 02 वर्षों से दर्ज प्रकरण के संबंध में कोई भी जानकारी हो तो दस्तावेज सहित दावा आपत्ति कर सकते है। उक्त संबंध में किसी प्रकार का आपत्ति होने पर 05 दिवस के भीतर दावा आपत्ति जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास वभाग नारायणपुर में स्वयं उपस्थित होकर एवं ईमेल पबचेदंतंलंदचनत/हउंपसण्बवउ के माध्यम से दावा आपत्ति कर सकतें है।
