मंदिरों में जगमगाए ज्योति कलश, भक्तों का उत्साह चरम पर,

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शिव शर्मा की रिपोर्ट

छुईखदान —     शक्ति की भक्ती का पर्व नवरात्र आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि के साथ ही सोमवार से प्रारंभ हो गया। इसके साथ ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की आस्था भी दिखने लगी। शहर व अंचल के सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश के रूप में आस्था के दीप जगमगाने लगे हैं। अभिष्ट मुहुर्त में शंख, बिजघंट आदि की ध्वनि के साथ माता की मूर्तियां स्थापित की गई व अखंड दीप प्रज्वलित किए गए।अब पूरे 10 दिनों तक माता की भक्ति में भक्त लीन रहेंगे। इस बार नवरात्रि का त्यौहार में श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आ रहा है। जगह-जगह दुर्गा मां विराजी हैं। शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान नगर के देवी मंदिरों में स्थानीय सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के भक्तों द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं प्राचीन काली मंदिर में नगर सहित ग्रामीण राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई ,रायपुर ,प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के भक्तों ने अपना ज्योति कलश प्रज्वलित करवाया हैl दस दिनों की अब देवी मंदिरों में माता की आराधना शुरू हो गई है l

*रियासत कालीन निर्मित देवालय*

वैष्णव धर्मलंबी रियासत की नगरी छुईखदान के राजा लक्ष्मण दास जी के राजत्व काल को रियासत का स्वर्ण युग काल माना जाता है उनके शासनकाल में भक्ति चरम पर थी उन्हें छुई खदान में अनेक देव मंदिरों का निर्माण कराने एवं भक्ति की अजसत्र धारा पल्लवित करने का श्रेय हैl शक्ति पीठ महामाया मंदिर नगर के पूर्व दिशा में मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम कोडका जिसे छुईखदान रियासत की राजधानी कही जाती है वहां स्थापित प्राचीन सिद्धपीठ शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर का निर्माण रियासत काल में हुई थी क्षेत्रवासियों की अगाध श्रद्धा से दिन दूनी रात चौगुनी मां महामाया की कीर्ति बढ़ती जा रही है वर्तमान में महामाया मंदिर ट्रस्ट मंडल पंजीयन क्रमांक 129899 द्वारा संचालित की जा रही है मंदिर परिसर में मां महामाया के अतिरिक्त मां कर्मा माता, नागदेव, राधा कृष्ण, रिद्धि सिद्धि ,भैरव बाबा ,की छोटी छोटी प्रतिमा मंदिर में प्रति स्थापित की गई है शारदीय नवरात्रि पर्व पर महामाया मंदिर में 339 तेल व घी के 9 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई है साथ इसी मंदिर के पास स्थित शनि मंदिर में 60 आस्था की ज्योति जलाई गई है l

*मां काली मंदिर छुईखदान*

नगर के दक्षिण छोर में मुकुंद सागर तालाब के तट पर मां काली की भव्य भक्तों को आकर्षित करने वाली मंदिर विद्यमान है इस मंदिर के विषय में जानकारों द्वारा दी गई जानकारी जिसे मंदिर के पुजारी स्वर्गीय श्री कालू महाराज ने अपने जीवित काल में अवगत कराया था कि छुईखदान रियासत काल के राजा द्वारा तालाब खुदवाने के दौरान मां काली की प्रतिमा खुदाई के दौरान निकली थी जिसे खुदाई स्थल पर मिले मां काली की प्रतिमा के पास मंदिर का निर्माण करा दिया गया जो आज भी उसी स्थिति में प्रतिस्थापित है मां काली के प्रति क्षेत्रवासियों का अगाध श्रद्धा है इसके अलावा इस मंदिर में प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य क्षेत्र के लोग आस्था के दीप जलाते हैं वर्तमान में मां काली मंदिर में 33 घी के एवं 431 तेल के आस्था की ज्योति जलाए गए हैंl

*मां वैष्णो देवी मंदिर*

नगर के खैरागढ़ मुख्य मार्ग के निकट टिकरी पारा छुईखदान में वैष्णो देवी मंदिर बकरण पाठ के टीले निर्मित है मां वैष्णो देवी मंदिर का संचालन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है इसी देवी देवालय में घी के 9 एवं तेल के 120 तथा काल भैरव मंदिर में 3 आस्था के ज्योति की स्थापना की गई है l

*शक्ति मंदिर कडरापारा*

विगत 3 दशकों से मां शक्ति मंदिर में ज्योति की स्थापना श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है इस समय इस देवालय में कुल 45 ज्योति जलाई गई है इसके अतिरिक्त नगर के संतोषी माता मंदिर में 7 एवं शनिदेव मंदिर में मात्र 1 आस्था के ज्योति प्रज्वलित की गई हैl तथा समीप के ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर शीतला मंदिर में 32 तेल की ज्योति एवं ग्राम श्यामपुर शीतला मंदिर में 1 तेल ज्योति प्रज्वलित की गई है l

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