संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा आयोजित बैठक की महत्पूर्ण एजेंडे और दिशा निदेशों को लेकर दिनांक 11/09/2025 को संकुल केन्द्र घिरघोली के अंतर्गत समस्त प्राथमिक माध्यमिक और हाई स्कूल की शिक्षक शिक्षिकाओं की अनिवार्य बैठक संकुल समन्वयक जीo आरo टंडन और संकुल प्राचार्य सुनील यादव के मार्ग दर्शन में रखा गया जिसमें प्राप्त दिशा निदेशों को अक्षरशः बताया गया कि आप सभी लोग अपने कार्यों के प्रति सजग हो जाए और जो भी दिशा निर्देश मिले हैं उनको अपनी डायरी में लिखकर रख लीजिए उसके बाद अगर कोई गलती करते हैं तो कार्यवाही के लिए आप सभी लोग तैयार रहेंगे अच्छा काम करेंगे तो मान सम्मान मिलेगा और गलत कार्य करेंगे तो कार्यवाही भी होगी जिसकी जिम्मेदारी आप की स्वयं की होगी संकुल समन्वयक जीo आरo टंडन और संकुल प्राचार्य ने संयुक्त रूप से निम्न जानकारी प्रदान किए आज की बैठक में संकुल के समस्त शिक्षक साथी उपस्थित रहे
1) सभी स्कूलों में *बाल देवो भवः* लिखवाना है।
2) प्रधान पाठक, प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी BRC, ABEO एवं जिला शिक्षा अधिकारी, DMC, ADPO, सहायक संचालक अपने कार्यालय में शिक्षा संभाग दुर्गा के ध्येय वाक्य “लक्ष्य एक, दुर्ग संभाग श्रेष्ठ” लिखकर रखेंगे।
3) प्रत्येक स्तर पर परीक्षा परिणाम में सुधार लाना है।
4) शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है अधिक का अधिक से अधिक बच्चे प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करें इसके लिए शिक्षकों और प्रशासन को मिलकर कार्य करना है।
5) सभी शिक्षक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करेंगे।
6) कोई भी शिक्षक क्लास रूम में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे।
7) सभी शिक्षक पढ़ा जाने वाले टॉपिक की पूर्ण तैयारी के साथ क्लास रूम में जाएंगे।
8) कोई भी शिक्षा के पुस्तक देखकर नहीं पढ़ाएंगे।
9) सभी शिक्षक कक्षा में घूम-घूम कर अध्यापन कार्य करेंगे तथा प्रत्येक छात्र / छात्रा की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
10) छात्र-छात्राओं को गृह कार्य देकर उनके कॉपी की नियमित जांच करेंगे।
11) कमजोर छात्र-छात्राओं का चिन्हांकन कर उनकी सूची बनाएंगे और प्राचार्य को सौपेंगे।
12) कमजोर छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिए प्रेरित करेंगे।
13) सभी शिक्षकों को प्रातः 9:55 बजे तक अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति विद्यालय में देनी है।
14) 10:00 बजे के पश्चात उपस्थित होने वाले शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
15) प्रार्थना प्रभावपूर्ण होनी चाहिए। प्रार्थना के समय राष्ट्रगान पूरे जोश और निर्धारित लय के साथ गाया जाना है।
16) प्रार्थना के समय छात्र-छात्राओं के द्वारा सूक्ति वाक्य, सामान्य ज्ञान के प्रश्न तथा समाचार वाचन अनिवार्य रूप से किया जाना है। इसके लिए कक्षा शिक्षक एक दिन पूर्व संबंधित चयनित छात्र-छात्राओं को तैयारी करवाएंगे तथा प्रार्थना के समय प्रस्तुति देने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रार्थना से पूर्व मंच पर ही खड़ा करेंगे, ताकि 10 मिनट के निर्धारित समय सीमा में प्रार्थना पूर्ण हो जाए।
17) प्रार्थना के पश्चात विषय शिक्षक बिना विलंब किये अपनी कक्षा में जाएंगे।
18) सभी शिक्षकों को उक्त निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर के अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान उक्त निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के साथ-साथ प्रधानपाठक / प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी स्तर के अधिकारियों को 10:00 बजे के पूर्व शाला पहुंचकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि विलंब से आने वाले शिक्षकों की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।
*संस्था प्रमुख के लिए निर्देश*
1) संस्था प्रमुख प्राचार्य डायरी का नियमित संधारण करेंगे, प्रत्येक दिवस के कक्षा अवलोकन की जानकारी प्राचार्य डायरी में लिखनी है।
2) शिक्षकों के द्वारा अध्यापन के दौरान प्रत्येक दिवस प्राचार्य कम से कम दो दो शिक्षकों के अध्यापन कक्षा में 10 मिनट तक बैठकर अध्यापन कार्य का अवलोकन करेंगे तथा शिक्षक की डेली डायरी में स्पष्ट उल्लेख करेंगे की शिक्षक का अध्यापन कार्य प्रभावी है अथवा नहीं, शिक्षक द्वारा बिना पुस्तक देखे अध्यापन कार्य कराया जा रहा है या नहीं आदि का विवरण टीप के रूप में प्रत्येक शिक्षक की डेली डायरी में लिखना है।
3) शिक्षक द्वारा आदेश निर्देश की अवहेलना करने पर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को देनी है।
4) कक्षा कमरों एवं शाला परिसर की स्वच्छता का ध्यान रखना है।
5) विद्यालय में खेलकूद एवं पाठ्य सहगामी गतिविधियों का नियमित आयोजन करना है।
7) संकुल प्राचार्य को प्रत्येक सप्ताह कम से कम चार विद्यालयों का निरीक्षण करना है।
6) निरीक्षण प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को भेजना है।
7) विकासखंड एवं जिला स्तर के अधिकारी प्रत्येक सप्ताह कम से कम 6-6 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे तथा प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को प्रेषित करेंगे।
8) प्रत्येक स्तर पर किए गए निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा उच्च कार्यालय द्वारा की जाएगी, तथा निरीक्षण में कमी होने पर निरीक्षण कर्ता अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
9) उच्च कार्यालय द्वारा मांगी गई जानकारी समय सीमा में अनिवार्यतः देनी है।
