रिपोर्ट सोनू करवरिया
नरैनी। कस्बे में स्थित करतल मार्ग पर एक निजी अस्पताल “मां चिकित्सालय” में दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में दोनों ओर से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार मणिपुर गिरवा निवासी आकाश शुक्ला अपने साथियों के साथ बागेश्वर धाम जा रहे थे। यात्रा के दौरान कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने पर वे नरैनी स्थित मां चिकित्सालय पहुंचे। इलाज के दौरान अस्पताल परिसर में किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जो गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गया।
प्रथम पक्ष से चित्रकूट निवासी अनूप तिवारी (40 वर्ष), नोएडा निवासी विजय मिश्रा (39 वर्ष), मणिपुर गिरवा निवासी लालमन यादव (36 वर्ष) घायल हुए, जिन्हें सीएचसी नरैनी से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बांदा रेफर किया गया।
वहीं दूसरे पक्ष से मां चिकित्सालय संचालक रामबाबू श्रीवास (52 वर्ष) व उनके पुत्र शिवम श्रीवास को भी गंभीर चोटें आईं। उन्हें भी उपचार हेतु बांदा भेजा गया।
गंभीर लापरवाही की बात तब सामने आई जब बांदा जिला अस्पताल द्वारा घायल रामबाबू श्रीवास को रात्रि 3 बजे पुनः नरैनी सीएचसी रेफर कर दिया गया। यह कदम सरकारी चिकित्सा प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है कि जब जिला अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं थीं तो उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सालय जैसे कानपुर या अन्य बड़े अस्पताल रेफर क्यों नहीं किया गया।
इस प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही निंदनीय है और इससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। प्रशासन से मांग की जाती है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
वहीं, कोतवाली प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि प्रथम पक्ष की ओर से अनूप तिवारी की तहरीर पर 19 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ, तथा रामबाबू श्रीवास की तहरीर पर आकाश शुक्ला सहित 11 ज्ञात व्यक्तियों पर मारपीट, लूट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया ह।
