शिव शर्मा की रिपोर्ट
*संचार-संकर्म समिति के समक्ष निर्माण कार्यों की नस्तियां प्रस्तुत नहीं करने का मामला; पंचायत अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना का आरोप, जिला पंचायत CEO को कार्रवाई हेतु भेजा गया प्रतिवेदन*
*छुईखदान/खैरागढ़* जनपद पंचायत छुईखदान में शासकीय निर्माण कार्यों से संबंधित अभिलेखों के अवलोकन को लेकर गंभीर प्रशासनिक विवाद सामने आया है। संचार-संकर्म समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार, समिति के समक्ष निर्माण कार्यों की नस्तियां प्रस्तुत नहीं किए जाने तथा समिति के पूर्व निर्णयों के अनुपालन में कथित विफलता को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती केश्वरी देवांगन एवं शाखा प्रभारी कोमल जंघेल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग छुईखदान द्वारा दिनांक 9 अक्टूबर 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर समिति की कार्यवाही एवं संबंधित दस्तावेज आगामी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजे गए हैं।
*समिति के निर्देशों के अनुपालन में कथित विफलता*
प्राप्त शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, संचार-संकर्म समिति की पिछली बैठक दिनांक 8 सितंबर 2026 में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों से संबंधित नस्तियां समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अवलोकन कराने का निर्णय लिया गया था। उक्त निर्णय के अनुपालन में 6 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी कर 8 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत के सभाकक्ष में बैठक निर्धारित की गई थी।
बैठक की कार्यवाही में उल्लेखित तथ्यों के अनुसार, समिति के सभापति एवं सदस्यों द्वारा संबंधित शाखा प्रभारी से पूर्व निर्धारित निर्माण कार्यों के अभिलेख प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई, किंतु संबंधित शाखा प्रभारी ने नस्तियां प्रस्तुत करने में असमर्थता व्यक्त की। कार्यवाही विवरण के अनुसार, इसके लिए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा शाखा प्रभारी को नस्ती का अवलोकन करवाने के लिए मना करने का तर्क दिया गया।
समिति ने उक्त आचरण को अपने पूर्व निर्णयों के अनुपालन में बाधा तथा अभिलेखों के निरीक्षण में व्यवधान के रूप में लेते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आपत्ति दर्ज की।
*प्रभारी CEO की भूमिका पर भी उठे सवाल*
बैठक की कार्यवाही में यह भी उल्लेख किया गया है कि शाखा प्रभारी द्वारा नस्तियों का अवलोकन नहीं कराए जाने के संबंध में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मना करने का हवाला दिया गया। इस घटनाक्रम के आधार पर समिति ने प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती केशरी देवांगन तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं शाखा प्रभारी कोमल जंघेल सहायक ग्रेड 3 के विरुद्ध उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में कथित चूक तथा कर्तव्यविमुखता के संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
समिति ने संबंधित उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर दोनों अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। सेवा नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही किया जाएगा l
*पंचायत अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना का उल्लेख*
समिति की कार्यवाही में पंचायत अधिनियम, 1993 के अंतर्गत दिए गए निर्देशों की अवहेलना का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में संबंधित अधिनियम की सटीक धारा, उसके अंतर्गत संबंधित अधिकारियों पर लागू दायित्व तथा कथित उल्लंघन की विधिक प्रकृति का परीक्षण सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
अभिलेखों से यह प्रमाणित होता है कि संबंधित अधिकारियों ने वैध एवं अधिकार-क्षेत्र के भीतर जारी निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया तथा अपने वैधानिक एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में अनुचित चूक की है l लागू सेवा नियमों के अंतर्गत उत्तरदायित्व निर्धारित किए जाने का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है।
*शीतला मंदिर निर्माण कार्य की जांच के निर्देश*
इसी बैठक में ग्राम पंचायत कुटेलीखला में धार्मिक धर्मस्व न्यास निधि के अंतर्गत निर्माणाधीन शीतला मंदिर जीर्णोद्धार कार्य की जांच का प्रस्ताव भी पारित किया गया। समिति ने प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, प्रथम एवं द्वितीय किस्त के भुगतान, पंचायत खाते में राशि जमा होने, निर्माण कार्य की भौतिक स्थिति तथा संबंधित भुगतान अभिलेखों की जांच करने का निर्णय लिया।
कार्यवाही विवरण के अनुसार, तीन दिवस के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। यह जांच निर्माण कार्य की स्वीकृति, वित्तीय लेन-देन एवं वास्तविक प्रगति से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
*अनुपस्थित शाखा प्रभारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग*
बैठक में शाखा प्रभारी मुकेश ठाकुर की अनुपस्थिति का विषय भी उठाया गया। कार्यवाही विवरण के अनुसार, बैठक में अनुपस्थित रहने तथा दूरभाष के माध्यम से संपर्क किए जाने के बावजूद उपस्थित नहीं होने के आधार पर उनके विरुद्ध लिखित अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
*अब सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई पर निगाहें*
अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग छुईखदान द्वारा समिति की कार्यवाही एवं संबंधित पत्रों की प्रतियां मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं। प्रतिलिपि जिला कलेक्टर को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
अब प्रकरण में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभिलेखों का परीक्षण, संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा लागू नियमों के तहत कार्रवाई किए जाने का विषय महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों में निलंबन की मांग संबंधी प्रस्ताव का उल्लेख है l