राघवेंद्र शर्मा
ब्यूरो रिपोर्ट उरई (जालौन)। आंगनबाड़ी केंद्रों के समय से न खुलने और कार्यकत्रियों की उपस्थिति को लेकर मिलने वाली शिकायतों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव ने नई निगरानी व्यवस्था लागू की है। अब औचक निरीक्षण के साथ प्रतिदिन सुबह मॉनिटरिंग में लगे कर्मचारी फोन करके आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। यदि आंगनवाड़ी केंद्र विद्यालय परिसर में संचालित है, तो प्रधानाध्यापक से बात करके भी इसकी पुष्टि की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कार्यकत्री से लोकेशन लेकर उपस्थिति की जांच की जा सकती है।
विभाग में सुपरवाइजरों की कमी को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। मॉनिटरिंग में लगे कर्मचारी प्रतिदिन सुबह फोन के माध्यम से उपस्थिति की जानकारी जुटाएंगे और इसकी रिपोर्ट भी ली जाएगी। डीपीओ के अनुसार अनुपस्थित पाए जाने वाली कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को नोटिस जारी कर एक दिन का मानदेय रोकने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन समय से सुनिश्चित कराना है, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।