ß राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
ब्यूरो रिपोर्ट उरई (जालौन)। शहर के वार्ड नंबर 18 स्थित नई पटेल नगर, चौरसी रोड क्षेत्र में जलभराव और पानी की निकासी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी सामने आई है। सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासी अतुल सिंह सेंगर ने जिलाधिकारी जालौन को प्रार्थना पत्र देकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में अतुल सिंह सेंगर ने बताया कि उनके मोहल्ले की मुख्य सड़क पर काफी समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। नालियों की उचित निकासी नहीं होने और नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी तथा गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क पर गंदा पानी जमा, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय निवासी के मुताबिक सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन करना मुश्किल हो रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने और उनमें पानी भरा रहने के कारण राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। पानी के कारण सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भी दिक्कत हो सकती है।
मोहल्ले के लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या बच्चों के स्कूल आने-जाने को लेकर है। सड़क पर जलभराव के कारण बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, आसपास रहने वाले परिवारों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा
प्रार्थना पत्र में यह भी चिंता जताई गई है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। यदि समय रहते जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
लोगों की मांग है कि सड़क पर जमा पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, नालियों की सफाई कराई जाए और सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन को सुगम बनाया जाए।
जिलाधिकारी से त्वरित कार्रवाई की मांग
अतुल सिंह सेंगर ने 9 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी जालौन को प्रार्थना पत्र देकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, जिससे मोहल्ले के लोगों को जलभराव से राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और स्थानीय निवासियों को जलभराव से राहत दिलाने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।