*मिठाई के डिब्बे का भी वसूल रहे दाम! मिठाई दुकानों की जांच की मांग*

ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल, बागवान समाज सेवा समिति ने डीएम को सौंपा शिकायती पत्र; 0-खाद्य सुरक्षा व बाट-माप विभाग की संयुक्त टीम से अचानक जांच कराने की मांग

जालौन। जिले में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के हितों को लेकर बागवान समाज सेवा समिति ने प्रशासन का ध्यान गंभीर शिकायत की ओर दिलाया है। समिति का आरोप है कि कई मिठाई दुकानों पर मिठाई के साथ डिब्बे और पैकिंग का वजन भी तौल में शामिल कर उपभोक्ताओं से उसका पैसा वसूला जा रहा है। वहीं मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी भी स्पष्ट रूप से अंकित नहीं की जा रही है। समिति ने इसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए पूरे नगर में अचानक जांच कराने की मांग की है।

*डिब्बे का वजन भी मिठाई के भाव में जोड़ने का आरोप*

बागवान समाज सेवा समिति के अध्यक्ष मुहम्मद अशफाक राईन ने जिलाधिकारी जालौन को दिए शिकायती प्रार्थना-पत्र में कहा कि उपभोक्ता जब मिठाई खरीदता है तो उसे मिठाई की वास्तविक मात्रा के हिसाब से भुगतान करना चाहिए। आरोप है कि दुकानों पर मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी तौल में शामिल कर लिया जाता है। इससे ग्राहक को वास्तविक मात्रा से कम मिठाई मिलने की शिकायत सामने आ रही है। समिति ने मौके पर तौल कराकर इसकी जांच कराने की मांग की है।

*मिठाई कब बनी, कब तक खाने योग्य है… जानकारी नहीं*

शिकायत में मिठाइयों पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति का कहना है कि जालौन में अनेक मिठाई दुकानों पर ग्राहकों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती कि मिठाई कब तैयार की गई और उसे कितने समय तक उपयोग किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं के सामने मिठाई की ताजगी और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

*खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल*

समिति ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। अध्यक्ष मुहम्मद अशफाक राईन का कहना है कि यदि मिठाई दुकानों पर नियमित निरीक्षण हो रहा है तो निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी आवश्यक जानकारियों को लेकर सामने आ रही शिकायतों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग की निगरानी में कमी के कारण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ की आशंका बनी हुई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

खाद्य सुरक्षा और बाट-माप विभाग की संयुक्त टीम से हो जांच

समिति ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जालौन तहसील ही नहीं, बल्कि पूरे जनपद में मिठाई की दुकानों का अचानक निरीक्षण कराया जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग और बाट-माप विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मिठाई की तौल, डिब्बे के वजन, मिठाइयों की गुणवत्ता तथा निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि संबंधी जानकारी की जांच कराई जाए।

समिति ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी दुकान पर नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच अभियान की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को यह पता चल सके कि उनकी शिकायतों पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की।

आम ग्राहक के स्वास्थ्य और जेब से जुड़ा मामला

समिति का कहना है कि मिठाई खरीदने वालों में आम नागरिकों के साथ मजदूर, किसान और गरीब परिवार भी शामिल हैं। ऐसे में मिठाई की सही तौल, उचित कीमत और उसकी गुणवत्ता से संबंधित जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है। समिति ने प्रशासन से पूरे जनपद में प्रभावी जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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