कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं केवल सुनी ही नहीं गईं, बल्कि उनके समाधान के लिए मौके से ही जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी समीर ने अपने कार्यालय कक्ष से जिलास्तरीय अधिकारियों को ऑनलाइन जोड़कर दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी उम्मीद लेकर आता है, इसलिए उसकी समस्या को प्राथमिकता के साथ समझते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई में कुठौंद निवासी करीब 75 वर्षीय प्रताप शुक्ला अपनी सुनने की समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि उम्र बढ़ने के साथ अब उन्हें सुनाई नहीं देता, जिससे रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। बुजुर्ग की समस्या सुनते ही जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रताप शुक्ला को आज ही कार्यालय बुलाकर आवश्यक परीक्षण कराते हुए कान की मशीन उपलब्ध कराई जाए। इसी तरह ग्राम दशहरी निवासी ज्ञान सिंह ने हाल में हुई बारिश के बाद गांव में जलभराव की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नालियों में पानी भर गया है और निकासी का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी कदौरा को तत्काल गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने और पानी की निकासी की व्यवस्था कराकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में चकरोड, पारिवारिक कलह सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को संबंधित अधिकारी के समक्ष ऑनलाइन रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता के साथ-साथ मौके की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और शिकायतकर्ता को समाधान का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।