सीएचसी जालौन में डॉक्टरों की कमी का मामला राष्ट्रपति तक पहुंचा*

 

ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

जालौन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन में चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्या को लेकर बागवान समाज सेवा समिति के अध्यक्ष मुहम्मद अशफाक राईन ने राष्ट्रपति को शिकायती प्रार्थना-पत्र भेजा है। उन्होंने सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि सीएचसी जालौन में प्रतिदिन करीब 800 से 1000 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं और गर्भवती महिलाओं की संख्या भी काफी रहती है। मरीजों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध न होने से उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
*रात में महिला डॉक्टर की व्यवस्था की मांग*
शिकायतकर्ता ने रात्रि के समय महिला चिकित्सक की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रात में महिला या गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर महिला चिकित्सक की उपलब्धता जरूरी है। इसके अलावा सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की गई है, ताकि फ्रैक्चर और हड्डी संबंधी मरीजों को उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े।
*मशीन उपलब्ध, फिर भी अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं*
शिकायत में बताया गया कि सीएचसी जालौन में वर्ष 2025 में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन मशीन होने के बावजूद नियमित अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं हो सकी। इससे गरीब मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगा अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। वहीं, कई मरीजों को करीब 22 किलोमीटर दूर उरई जाना पड़ता है। शिकायतकर्ता ने अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की तैनाती कर सेवा शुरू कराने की मांग की है।
*सीएमओ की कार्यप्रणाली की जांच की मांग*
शिकायत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उरई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को लेकर जनता द्वारा फोन किए जाने पर फोन नहीं उठाए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
मुहम्मद अशफाक राईन ने राष्ट्रपति से सीएचसी जालौन की स्वास्थ्य व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर डॉक्टरों की कमी दूर करने, महिला चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ समेत आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

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