मुस्तफा के लिए देवदूत बने रक्तदाता मयंक धुरिया, 16वां रक्तदान कर बचाई जिंदगी*

  अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा। जिला चिकित्सालय बांदा में भर्ती गंभीर बीमारी से जूझ रहे 50 वर्षीय मुस्तफा के लिए उस समय उम्मीद की किरण जगी, जब सेर्वस ऑफ लाइफ संस्था के रक्तदाता मयंक धुरिया ने मानवता का परिचय देते हुए अपना 16वां रक्तदान कर एक जरूरतमंद की मदद की।

जानकारी के अनुसार, मुस्तफा के पुत्र गुड्डन खान ने संस्था के महासचिव सुनील सक्सेना को फोन कर बताया कि उनके पिता को तत्काल एक यूनिट रक्त की आवश्यकता है। परिवार की ओर से एक यूनिट रक्त पहले ही दिया जा चुका था, लेकिन दूसरी यूनिट की तत्काल जरूरत थी।

सूचना मिलते ही सेर्वस र्ऑफ लाइफ संस्था के ग्रुप में रक्त की मांग साझा की गई। संस्था के अध्यक्ष सलमान खान ने सक्रियता दिखाते हुए रक्तदाताओं से संपर्क किया। इसी दौरान संस्था के सम्मानित रक्तदाता एवं धुरिया स्वीट्स के स्वामी मयंक धुरिया बिना देर किए जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक पहुंचे और अपना 16वां रक्तदान कर समाज सेवा और मानवता की अनुपम मिसाल पेश की।

रक्तदान के दौरान संस्था के अध्यक्ष सलमान खान, महासचिव सुनील सक्सेना, गुड्डन खान, आदित्य ,प्रमोद यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मयंक धुरिया के इस प्रेरणादायी कार्य की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

संस्था के महासचिव सुनील सक्सेना ने कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि किसी जरूरतमंद को समय पर मिला रक्त उसके जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक रक्तदान कर मानवता की इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया।

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