बाल अधिकारों” के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन

 

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा।     माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में एवं माननीया जनपद न्यायाधीश / अध्यक्षा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती अल्पना जी के निर्देशन में बाल संरक्षण से सम्बन्धित कानूनी ढांचे के बारे छात्र-छात्राओं में जागरुकता पैदा करने हेतु विशेष अभियान के अन्तर्गत आज दिनांक 25-09-2026 को “यौन अपराधों से बालक/बालिकाओं की सुरक्षा अधि०- 2012 (POCSO Act) एवं बाल अधिकारों” के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन भागवत प्रसाद मैमोरियल इण्टर कालेज-श्रीनाथ विहार, जिला बांदा में प्रार्थना सभा के दौरान किया गया।

सर्वप्रथम श्रीमान अंशुमाली पाण्डेय सिविल जज (सी०डि०), बांदा द्वारा बताया गया कि समाज में बालक/बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित घटनाएं कम नही हो रही है। माता पिता को अपने बच्चों के बारे उचित देखरेख करना चाहिये, उनसे बातचीत का दायरा बढ़ाना चाहिए जिससे कि उनके मन की बात को जान सके। किसी भी आन वाले बाहरी अथवा घर के आगन्तुको का बच्चों के साथ व्यवहार पर भी निगरानी करनी चाहिए, उनके बैठने उठने के तरीको पर भी निगाह रखनी चाहिए। यदि किसी बालक/बालिका के साथ कोई व्यभिचार, अश्लीलता कोई भी बाहरी अथवा घर के सदस्य द्वारा की जाती है तो उसे तुरन्त संज्ञान में लेकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। माता-पिता अथवा अध्यापक/अध्यापिकाओं को बच्चों को बैड टच के बारे में भी विस्तार से जानकारी देना चाहिए जिससे कि वे बड़े अनिष्ट से बच सके। बालक/बालिकाओं के साथ होने वाले यौन शोषण से बचाव हेतु माता-पिता को अपने बच्चों को स्वयं जागरुक करना होगा तथा स्कूल /कॉलेज में इस हेतु विशेष रुप से बालिकाओं को उनकी महिला टीचर द्वारा सम्बोधन से, चित्रों के माध्यम से अथवा छोटी-छोटी रील्स या टेलीफिल्म के माध्यम से जागरुक किया जाना अति आवश्यक हैं।

श्रीमान प्रफुल्ल कुमार चौधरी, अपर सिविल जज (सी०डि०) बांदा ने अपने सम्बोधन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अन्तर्गत बताया कि निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा पाने का अधिकार प्रत्येक बच्चें का मौलिक अधिकार हैं, चाहें उसकी जाति, लिंग, राष्ट्रीयता या जातीयता कुछ भी हों। इस अधिनियम के तहत प्राईवेट / निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित की गयी हैं। न्यायाधीश महोदय द्वारा पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्राविधानों व विधि-व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गयी।

जागरुकता शिविर के अन्त में श्री राजेन्द्र सिंह प्रधानाचार्य, भागवत प्रसाद मैमोरियल इण्टर कालेज, बांदा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर श्री अर्जित अग्रवाल-पराविधिक स्वयं सेवक व अध्यापक / अध्यापिकाएं उपस्थित रहें।

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