*बांदा में बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां पूरी*

 अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: ।      बांदा में हर साल यमुना और केन नदी के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी से पैदा होने वाले बाढ़ संकट से निपटने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर बांदा जिला प्रशासन ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। हर साल पैलानी तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आने वाली भीषण बाढ़ को देखते हुए इस बार शासन और प्रशासन ‘जीरो कैजुअल्टी’ के संकल्प के साथ मैदान में उतरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रशासन का एक ही लक्ष्य है की बाढ़ से हर हाल में हर नागरिक की जिंदगी बचाई जाएगी।

*24 घंटे कंट्रोल रूम एक्टिव, 47 बाढ़ चौकियां की गयी स्थापित*

जिले में पल-पल की स्थिति पर नजर रखने के लिए आपातकालीन कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव कर दिया गया है। जलस्तर की निगरानी और त्वरित सूचना के लिए पूरे प्रभावित क्षेत्र में 47 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। वहीं बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 218 छोटी-बड़ी नावें नदी किनारे तैनात कर दी गई हैं।
राहत कर्मियों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए 602 लाइफ जैकेट की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके अवाला पानी की लहरों से मुकाबला करने के लिए 283 कुशल तैराक और 89 गोताखोरों को भी अलर्ट पर रखा गया हैं।

*PAC और आपदा मित्रों को दी गई जिम्मेदारी*

संवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए PAC बल तैनात कर दिया गया है।
संकट के समय ग्रामीणों की मदद के लिए पूर्व सैनिकों और आपदा मित्रों की विशेष टोलियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

*गर्भवती महिलाओं और बीमारों के लिए विशेष अभियान*

योगी सरकार के मानवीय दृष्टिकोण के तहत बाढ़ क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष चिन्हांकन अभियान शुरू किया गया है। बाढ़ आने से पहले ही ऐसे अति-संवेदनशील लोगों की सूची बनाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों या अस्पतालों तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार है। ऐसा माना जा रहा है कि बाढ़ आने से पहले ही प्रशासन की ऐसी अभूतपूर्व मुस्तैदी योगी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। आपदा प्रबंधन की इन पुख्ता तैयारियों से ग्रामीणों में डर की जगह सुरक्षा का भरोसा जागा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *