भाजपा नेत्री का जाति pramaan पत्र की जांची गयी सत्यता

 

शिव शर्मा की रिपोर्ट

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री नम्रता सिंह के गोंड (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और शिकायतों पर अब उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। समिति द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, शासकीय अभिलेखों, प्रस्तुत साक्ष्यों एवं मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों की विस्तृत जांच के उपरांत नम्रता सिंह के गोंड, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता स्वीकार की गई है।

उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश में मामले से संबंधित दस्तावेजों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों और प्रासंगिक शासकीय प्रावधानों पर विचार किया गया। शिकायत के आधार पर मामले की जांच विजिलेंस सेल को सौंपी गई थी, जिसके बाद संबंधित दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जांच की गई। समिति ने अपने आदेश में विभिन्न शासकीय परिपत्रों, अभिलेखों तथा न्यायालयीन निर्णयों का भी संदर्भ लिया है।

समिति के आदेश का महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों, प्रस्तुत साक्ष्यों एवं मामले के गुण-दोष के आधार पर नम्रता सिंह को छत्तीसगढ़ राज्य में गोंड, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता आती है। इस प्रकार जाति प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से चले आ रहे सवालों और विवाद पर उच्च स्तरीय जांच के बाद आधिकारिक रूप से महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हुई है।

यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले का परीक्षण किसी राजनीतिक बयान या सोशल मीडिया के दावे के आधार पर नहीं, बल्कि शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। समिति ने उपलब्ध रिकॉर्ड, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अपना निष्कर्ष प्रस्तुत किया है।

यह खबर सामने आते ही पूरे जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और नम्रता सिंह के समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए पटाखे फोड़े और “नम्रता सिंह जिंदाबाद” के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने इसे सत्य और दस्तावेजी प्रमाणों की जीत बताते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

नम्रता सिंह के समर्थकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से उठाए जा रहे सवालों का जवाब अब जांच प्रक्रिया और आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से सामने आया है। समर्थकों का कहना है कि सत्य और दस्तावेजों की मजबूती अंततः सामने आती है, इसलिए अब अनावश्यक विवाद के बजाय क्षेत्र के विकास और जनसेवा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

समर्थकों ने कहा कि नम्रता सिंह ने हमेशा क्षेत्र की जनता के बीच रहकर जनहित और विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी है। उच्च स्तरीय समिति की जांच में जाति प्रमाण पत्र की पात्रता स्वीकार किए जाने के बाद उनके समर्थकों एवं शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि यह निर्णय निष्पक्ष जांच प्रक्रिया और दस्तावेजी साक्ष्यों के महत्व को भी रेखांकित करता है।

समर्थकों ने कहा—
“सत्य को चाहे जितनी भी परीक्षा से गुजरना पड़े, अंततः सत्य की ही विजय होती है। उच्च स्तरीय जांच समिति के निष्कर्ष के बाद स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। अब हम सभी क्षेत्र के विकास, जनसेवा और जनता के हित में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे।”

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