गैंगस्टरों पर न्यायालय का करारा प्रहार: तीन अभियुक्त दोषी, 3-3 वर्ष का कारावास

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद बांदा के थाना कोतवाली नगर में तत्कालीन वादी विवेकानंद तिवारी द्वारा वर्ष 2014 में मु0अ0सं0 475/2014, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अभियुक्त राहुल पुत्र भृगुनाथ प्रसाद सोनी, धर्मपाल सिंह पुत्र रामचरण उर्फ रामभरोसे एवं अश्वनी सोनी पुत्र जगरूप सोनी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अभियोजन के अनुसार अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह था, जिसके सदस्य संगठित रूप से अपराध कर आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने के अभ्यस्त थे। गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध पूर्व से कई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत थे। अभियुक्त संगठित रूप से अपराध कर जनता में भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न करते थे। इनके विरुद्ध दर्ज आधारभूत मुकदमों एवं आपराधिक इतिहास के आधार पर गैंग चार्ट तैयार किया गया, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया तथा अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई।
उक्त मुकदमे की विवेचना उप निरीक्षक शिवमिलन एवं उप निरीक्षक संतराम द्वारा संपादित की गई। विवेचना के दौरान अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास, गैंग चार्ट, एफआईआर, सामान्य डायरी एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का संकलन कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही उनके द्वारा संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने, जनता में भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न करने तथा अपराधों के माध्यम से आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने के आधार पर की गई थी। गिरोह की गतिविधियों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता था, जिसके कारण आमजन इनके विरुद्ध शिकायत करने एवं गवाही देने से भी कतराते थे।
मामले की सुनवाई के दौरान दिनांक 17 अगस्त 2015 को न्यायालय द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप निर्धारित किए गए। अभियोजन ने मुकदमे में कुल 6 गवाह पेश कर साक्ष्य कराया तथा अभिलेखीय साक्ष्य न्यायालय में सिद्ध कराए गए।
अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर पैरोकार अभिलाष यादव कोर्ट मोहर्रिर रघुनाथ और अमित की प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), बांदा श्रीपाल सिंह ने उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त राहुल पुत्र भृगु नाथ प्रसाद सोनी, धर्मपाल सिंह पुत्र रामचरण उर्फ रामभरोसे एवं अश्वनी सोनी पुत्र जगरूप सोनी को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में तीनों अभियुक्तों को 03-03 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹6,000-₹6,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

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