अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा, । जिलाधिकारी बांदा श्री अमित आसेरी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट तिराहे पर पिछले 75 दिनों से निरंतर संचालित जल वितरण/छबील कैंप ने बुधवार को अपनी सेवा यात्रा के 75 दिन पूर्ण होने पर वर्षाकालीन विश्राम दिवस मनाया। इस अवसर पर विशाल भंडारा, प्रसाद, शीतल जल, छबील एवं कोल्ड ड्रिंक वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 9,000 राहगीरों, श्रमिकों,यात्रियों एवं आम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में एडीएम (न्यायिक) श्री माया शंकर यादव,अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज,एसडीएम/डिप्टी कलेक्टर श्री इरफान उल्लाह खान, समाजसेवी शेख सादी जमा खान,समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सुनील सक्सेना,एसडीएम स्टेनो श्री शाकिर अली तथा व्यापारी नेता श्री मनोज जैन ने स्वयं उपस्थित होकर श्रमदान किया और अपने हाथों से प्रसाद, शीतल जल एवं छबील वितरित कर मानव सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया। सभी अतिथियों ने जिलाधिकारी श्री अमित आसेरी की जनसेवा की इस प्रेरणा की सराहना करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता में निहित है।
इस अवसर पर मन्नी सरदार (पंजाब गन हाउस), प्रवक्ता श्रीमती सबीहा रहमानी, समाजसेवी सुरेश कान्हा,एडवोकेट राकेश सिंह, व्यापारी संजय गुप्ता, सचिव हार्पर क्लब मनीष श्रीवास्तव, रोटी बैंक सोसाइटी अध्यक्ष रिजवान अली, अध्यक्ष सेर्वर्स ऑफ लाइफ सलमान खान, ट्रैफिक पुलिस से मोहम्मद हनीफ,सईद बाबू,दानिश सईद,शोएब भाई,इंफ्लुएंसर राजेश श्रीवास्तव, समाजसेवी रोहित जैन, कासिफ हुसैन, महबूब खान, रमेश वर्मा सहित अनेक समाजसेवियों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ राहगीरों को प्रसाद वितरित किया और सेवा कार्य में अपना अमूल्य सहयोग दिया।
75 दिनों तक निरंतर संचालित इस जल सेवा अभियान ने भीषण गर्मी में हजारों प्यासे राहगीरों को राहत पहुँचाई। विश्राम दिवस पर उपस्थित लोगों ने भावुक होकर कहा कि यह केवल जल वितरण का अभियान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा का महायज्ञ था, जिसने समाज में परोपकार की नई चेतना जगाई।
कार्यक्रम के अंत में एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव जी ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों, दानदाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, व्यापारियों, पत्रकारों एवं समाज के प्रत्येक सहयोगी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि जनहित और मानव सेवा की यह भावना भविष्य में भी निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।
_”सेवा कभी समाप्त नहीं होती, वह केवल एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ती है।”_
” *जल सेवा ही जन सेवा है — यही इस 75 दिवसीय अभियान का सबसे बड़ा संदेश रहा।”*
