*9 जुलाई को बांदा आ रहे सीएम योगी, विकास और निवेश की कई परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: 7 जुलाई-* बुंदेलखंड का हृदय स्थल कहा जाने वाला ऋषि वामदेव की नगरी बांदा अब अपने पुराने पिछड़ेपन की पहचान को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के एक बड़े औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के केंद्र के रूप में उभर रहा है। आगामी 9 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बांदा दौरा प्रस्तावित है। जिसको लेकर पूरे प्रशासनिक अमले और संगठन में भारी हलचल है। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों के तहत मंडलायुक्त अजीत कुमार, जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी सभी विभागों का नेतृत्व कर तैयारी में जुटे हुए हैं नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों (कालूकुआं, मवई चौराहा, बिजलीखेड़ा) को अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित किया जा रहा है।

योगी सरकार के कार्यकाल में बांदा में स्वास्थ्य, सड़क, कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और विशेषकर सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे से पहले स्थानीय स्तर पर जिले में हुए बड़े नीतिगत और जमीनी बदलावों की चर्चा चरम पर है।

*मास्टर प्लान 2031 और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का महाप्रोजेक्ट*

बांदा को भविष्य का महानगर बनाने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान 2031 में बांदा के औद्योगिक गलियारे को विशेष स्थान दिया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे जमालपुर और महोखर गांवों में करीब 576 हेक्टेयर भूमि पर विशाल औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। जिसके लिए सरकार ने प्रारंभिक दौर में 25 करोड़ रूपए आवंटित कर भूमि खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है। जिससे ‘बीड़ा’ (BIDA) की तर्ज पर बांदा का यह विस्तार आने वाले समय में हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और बड़े उद्योगपतियों के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा केंद्र बनेगा।

*कनेक्टिविटी को लगे नए पंख, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बना और सड़कों का हुआ चौड़ीकरण*

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण ने बांदा को सीधे देश की राजधानी दिल्ली और राज्य की राजधानी लखनऊ के व्यापारिक गलियारे से जोड़ दिया है। स्थानीय स्तर पर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए हाल ही में किरन कॉलेज चौराहे से बाबूलाल चौराहे तक 23.88 करोड़ रुपए की लागत से सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना का काम शुरू किया गया है जो शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगा और स्थानीय व्यापार को गति देगा।

*स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ बेहतर सुधार*

स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में कभी रेफरल सेंटर पर निर्भर रहने वाला बांदा आज राजकीय मेडिकल कॉलेज के माध्यम से पूरे मंडल को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं दे रहा है क्योंकि योगी सरकार में यहां की सुविधाओं को दुरुस्त करने व बढ़ाने का काम किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए सुदूर ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम किया गया है।

*किसानों की तकदीर बदलने वाली है ‘अर्जुन सहायक परियोजना’*

बांदा और महोबा के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए वरदान साबित हुई ‘अर्जुन सहायक परियोजना’ पूरी हो चुकी है। इस ऐतिहासिक सिंचाई परियोजना से बांदा के मटौंध क्षेत्र के हजारों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो गया है, जिसने यहाँ के अन्नदाताओं की फसल उत्पादन क्षमता और जमीन की कीमत दोनों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की है।

*हरित ऊर्जा की ओर बढ़े कदम, 70 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट हुआ शुरू*

पर्यावरण और बिजली की आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बांदा में अवाडा ग्रुप (Avaada Group) के माध्यम से 70 मेगावाट का विशाल सोलर पावर प्रोजेक्ट क्रियान्वित किया गया है। यह ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट बुंदेलखंड के विकास में एक नया और आधुनिक अध्याय जोड़ रहा है।

*सीएम के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम*

मुख्यमंत्री के 9 जुलाई के वीवीआईपी दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य किला बना दिया गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश एस, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में लगातार प्रतिदिन अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज अपनी पूरी टीम के साथ शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू ढंग से बनाने के लिए पैदल गस्त कर रहे हैं।अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को पांच चक्रों में बांटा गया है। जिसमे 3000 से अधिक पुलिसकर्मी और 50 से ज्यादा इंस्पेक्टर मुस्तैद रहेंगे। हेलीपैड से लेकर जनसभा स्थल की सुरक्षा का खाका खुद उच्चाधिकारियों द्वारा तैयार किया गया है। बांदा वासियों को पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने इस दौरे पर जिले को कुछ और नई विकास परियोजनाओं व सौगातों की बड़ी घोषणा कर सकते हैं।

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