अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का समापन एवं सम्मान समारोह सारंग होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री सम्मानित उमाशंकर पांडे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शमीम बानो, समाजसेवी डॉ. शबाना रफीक, आनंद किशोर लाल, धनंजय सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती मालती बासु एवं उमा पटेल ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त बालिकाओं ने मनमोहक कथक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। कथक प्रशिक्षिका आकांक्षा पांडे की उत्कृष्ट प्रस्तुति ने भी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गायन विभाग के छात्र-छात्राओं श्लोकराज, कृष्णा, आद्या, अथर्व एवं अन्वेषा ने प्रेरणादायक गीत “आशाएं-आशाएं” प्रस्तुत कर सभी में उत्साह का संचार किया। वहीं नन्हीं छात्रा वीरता सिंह ने “भोर भयो पनघट पे” गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम के दौरान आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आर्ट गैलरी भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों की रचनात्मक पेंटिंग्स को अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा।
समारोह में सभी प्रशिक्षकों, प्रतिभागी बच्चों एवं कार्यशाला से जुड़े सहयोगियों को प्रशस्ति-पत्र एवं पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्थान के वे पूर्व छात्र-छात्राएं, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं, उन्हें भी प्रोत्साहन-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने अपने प्रेरणादायी एवं ओजस्वी संबोधन में बच्चों को निरंतर सीखते रहने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं रोचक संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक पंकज रावत ने किया। समापन समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों ने श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट के इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे बच्चों की प्रतिभा निखारने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
