अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
जनपद न्यायालय परिसर में आज सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के सम्मान में एक गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में श्री मुन्नीलाल वर्मा (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी), श्री केशन प्रसाद (अपर अभिलेखपाल), श्री रियाजुल हक (स्टेनोग्राफर) एवं श्री निर्भान सिंह (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को उनके दीर्घ, उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाकाल के लिए सम्मानपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय श्रीमती अल्पना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की। समारोह में माननीय श्री चन्द्रपाल, विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) एवं माननीय श्री प्रवीण कुमार, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। संचालन के दौरान उन्होंने कहा कि आज का अवसर भावनाओं से भरा हुआ है। हम चार ऐसे सम्मानित साथियों को विदाई देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्होंने वर्षों तक अपनी कर्मनिष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण से न्यायालय की गरिमा को बढ़ाया। उनका स्नेह, अपनापन, सहयोग एवं मधुर व्यवहार केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सभी सहकर्मियों के जीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता रहा। उन्होंने अपने अनुभव से कनिष्ठ कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया, अपने व्यवहार से सभी का सम्मान अर्जित किया तथा अपनी कार्यशैली से एक आदर्श स्थापित किया। इस अवसर पर उन्होंने कवि की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा—
“मंज़िलें बदल जाती हैं, सफ़र नहीं बदलता,
रिश्तों का अपनापन और यादों का असर नहीं बदलता।”
माननीय डॉ. विकास श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. अधिनियम) ने अपने संबोधन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं अनुकरणीय सेवाओं की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं मंगलमय जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में माननीय श्रीमती अल्पना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया चरण है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे अपने परिवार, समाज तथा अपने शेष सामाजिक दायित्वों का उसी समर्पण एवं उत्साह के साथ निर्वहन करें, जैसा उन्होंने अपने सेवाकाल में किया।
अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री मुन्नीलाल वर्मा ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे भगवान बुद्ध एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों एवं आदर्शों से सदैव प्रेरित रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी सम्मान, अवसर एवं उपलब्धियाँ उन्हें प्राप्त हुई हैं, उनमें इन महापुरुषों की शिक्षाओं एवं प्रेरणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने समस्त न्यायिक अधिकारियों, सहकर्मियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी के स्नेह एवं सहयोग को अपनी सबसे बड़ी पूँजी बताया।
समारोह के दौरान माननीय मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर श्री अखिलेश प्रकाश, अध्यक्ष, सिविल कोर्ट कर्मचारी संघ, श्री धीरज निगम, अध्यक्ष, स्टेनोग्राफर संघ तथा श्री मनोज वर्मा, अध्यक्ष, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों का माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी शुभकामनाएँ एवं उज्ज्वल, स्वस्थ, सुखमय तथा दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ दीं।
इसी क्रम में श्री रऊब आलम, उप अभिलेख अधीक्षक एवं पूर्व महासचिव, कर्मचारी संघ, श्री मोतीलाल, श्री मनोज जैन, श्री शिवम आर्या, श्री सुरेश प्रसाद दीक्षित सहित न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों का माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके स्वस्थ, सुखमय, सम्मानपूर्ण एवं दीर्घायु जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
