*सीएम योगी की पर्यावरण नीति के तहत बनेगा आधुनिक ‘मियावाकी वन’*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: ।     -* सीएम योगी की दूरदर्शी और प्रकृति-अनुकूल पर्यावरण नीति के अंतर्गत बांदा जनपद को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बांदा नगर पालिका के सौजन्य से जिले में अब अत्याधुनिक ‘मियावाकी वन’ की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हरित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में बांदा प्रशासन का यह एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है। इस अनूठी पहल से न केवल बुंदेलखंड की धरती पर हरियाली का दायरा बढ़ेगा बल्कि स्थानीय नागरिकों को प्रदूषण मुक्त और शुद्ध वातावरण की बड़ी सौगात मिलेगी। योगी सरकार की इस कल्याणकारी योजना से क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

*क्या है मियावाकी वन तकनीक?*

मियावाकी वास्तव में एक जापानी वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित की गई एक अनूठी वृक्षारोपण तकनीक है। इस जापानी पद्धति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहुत ही कम जगह में पारंपरिक जंगलों की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ती है और 30 गुना अधिक घना जंगल तैयार करती है। इसमें पौधों को एक-दूसरे के बेहद पास रोपा जाता है। जिससे वे सूर्य की रोशनी पाने के लिए तेजी से ऊपर की ओर बढ़ते हैं। यह तकनीक शहरी और कम स्थान वाले क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। क्योंकि यह बहुत कम समय में एक आत्मनिर्भर और समृद्ध जैव-विविधता वाले पारिस्थितिकी तंत्र को जन्म देती है।

*स्वदेशी प्रजातियों को ही दी जाएगी वरीयता*

योगी सरकार की इस योजना के तहत बांदा की स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल केवल स्वदेशी प्रजातियों के पौधों को ही वरीयता दी जाएगी। इससे पौधों के जीवित रहने की दर शत-प्रतिशत रहेगी और बांदा का हरित क्षेत्र प्राकृतिक रूप से मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के अनुपालन में वन विभाग और नगर पालिका का यह संयुक्त प्रयास बांदा को एक मॉडल ग्रीन सिटी के रूप में स्थापित करेगा जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य और खुशहाली का आधार बनेगा।

योजना की धरातलीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बांदा के डीएफओ अरविंद कुमार ने बताया कि इस बार नगर पालिका के विशेष सहयोग से इस आधुनिक मियावाकी वन की स्थापना की जा रही है। इन्होंने स्पष्ट किया कि इस साझा प्रयास के तहत वन विभाग द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही पौधों को वैज्ञानिक पद्धति से लगवाने तथा उनके दीर्घकालिक संरक्षण और देखरेख की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका बांदा द्वारा निभाई जाएगी। वन विभाग की विशेष मॉनिटरिंग टीम भी इस पूरी प्रक्रिया पर पल-पल नजर रखेगी ताकि पौधों की सुरक्षा और विकास शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो सके।

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