ज्ञान चंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
बांदा। कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नकली भारतीय मुद्रा बनाने और उसे बाजार में खपाने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महोबा निवासी राजाराम और राहुल सिंह को कनवारा चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 1,12,500 रुपये मूल्य के जाली नोट (500 के 225 नोट) बरामद हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद किए गए सभी नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था, जिससे इनके फर्जी होने की पुष्टि हुई।पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनमें हाई-टेक प्रिंटर, विभिन्न रंगों की इंक बोतलें, कटर, फ्रेम, इमल्शन, डाई और विशेष प्रकार के कागज शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे असली नोटों की स्कैनिंग कर हुबहू नकली नोट तैयार करते थे और उन्हें भीड़भाड़ वाले बाजारों में चलाने की फिराक में थे। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है। बांदा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे राष्ट्रविरोधी कृत्यों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
