शिव शर्मा छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ
शिव शर्मा छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ
अंबागढ़ चौकी (मोहला-मानपुर)। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में एक बेहद सनसनीखेज साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। केंद्र सरकार की साइबर टीम (I4C) के इनपुट के बाद अंबागढ़ चौकी पुलिस ने एक बड़े ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंत्री गुलाब गोस्वामी के बेटे (विनय भारती) का नाम प्रमुखता से सामने आया है।
आरोप है कि साइबर धोखाधड़ी के करोड़ों रुपये इन म्यूल खातों के जरिए घुमाए गए हैं। हालांकि, संगीन धाराओं में नामजद FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने राजनीतिक रसूख के चलते अब तक आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
अंबागढ़ चौकी थाने में 18 मार्च 2025 को दर्ज FIR (क्र. 0044/2025) के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के ‘समन्वय पोर्टल’ से स्थानीय पुलिस को संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली थी। जांच में पता चला कि 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच अंबागढ़ चौकी स्थित विभिन्न बैंकों के 14 खातों का इस्तेमाल ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर किया गया।
इन 14 खातों (पंजाब नेशनल बैंक के 9, एचडीएफसी के 3 और एक्सिस बैंक के 2 खाते) में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त कुल 1 करोड़ 69 लाख 40 हजार 765 रुपये (₹1,69,40,765) जमा किए गए।
भाजपा नेता के बेटे का कनेक्शन और बैंक स्टेटमेंट के खुलासे
सूत्रों और प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में भाजपा नेता गुलाब गोस्वामी के बेटे (विनय भारती) के खाते रडार पर हैं। पुलिस को दिल्ली साइबर टीम से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक नेता के बेटे से जुड़े म्यूल खातों में करीब 90 लाख रुपये का सीधा ट्रांजैक्शन हुआ है।
प्राप्त बैंक स्टेटमेंट (HDFC और Axis Bank) से इस बात की पुष्टि होती है कि खाते ‘विनय भारती C/O गुलाब गोस्वामी’ के नाम पर हैं। HDFC बैंक के स्टेटमेंट में लाखों रुपयों के बड़े-बड़े IMPS और UPI ट्रांजैक्शन स्पष्ट तौर पर देखे जा सकते हैं (जैसे 17 सितंबर 2024 को 2,37,500 रुपये का ट्रांसफर और एटीएम से भारी नकदी की निकासी)।
पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया है मामला?
जांच अधिकारी अश्वनी राठौर द्वारा दर्ज एफआईआर में स्पष्ट लिखा है कि खाताधारकों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर साइबर फ्रॉड से अवैध धन अर्जित किया और उस संपत्ति को छुपाने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा: 317(2), 317(4), 318(4) (धोखाधड़ी और बेईमानी), 111 (संगठित अपराध), 61(2)(a) (आपराधिक साजिश)
सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008: धारा 66D (कंप्यूटर रिसोर्स का उपयोग करके प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी)
के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल: रसूख के आगे नतमस्तक पुलिस?
इस मामले का सबसे बड़ा पहलू पुलिस की कार्यप्रणाली है। इतने बड़े पैमाने (लगभग 1.70 करोड़ रुपये) के राष्ट्रीय स्तर के साइबर फ्रॉड और आई4सी (I4C) जैसी केंद्रीय एजेंसी के सीधे इनपुट व एफआईआर दर्ज होने के बाद भी, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों और विपक्ष का आरोप है कि आरोपी के पिता गुलाब गोस्वामी के सत्ताधारी दल भाजपा में कद्दावर नेता (प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के मंत्री) होने के कारण पुलिस दबाव में है और कार्रवाई करने से कतरा रही है। अब देखना यह है कि केंद्रीय एजेंसियों की नजरों में आ चुके इस मामले में अंबागढ़ चौकी पुलिस कब तक राजनीतिक दबाव से बाहर निकलकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है।
