ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। नगर में सोमवार को लागू साप्ताहिक बंदी का असर एक बार फिर फीका नजर आया। प्रशासन द्वारा निर्धारित बंदी के बावजूद तकिया बाजार सहित कई क्षेत्रों में दुकानें खुली रहीं और सामान्य दिनों की तरह कारोबार होता दिखाई दिया। इससे प्रशासनिक आदेशों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन द्वारा स्पष्ट रूप से साप्ताहिक बंदी लागू की गई है तो खुलेआम दुकानें संचालित होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। बाजार में दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी हस्तक्षेप नजर नहीं आया।
नगरवासियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आखिर नियमों की अनदेखी करने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे बिना किसी भय के दुकानें खोल रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों पर नियम लागू होते हैं तो बाजार बंदी के आदेशों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में व्यापारियों द्वारा भी नगर में साप्ताहिक बंदी को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग प्रशासन के समक्ष उठाई गई थी। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहने से प्रशासनिक सख्ती पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाता है।
