बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन में स्थापित हेल्थ एटीएम मशीन आज भी बंद पड़ी है, जबकि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने चिकित्सा अधीक्षक को स्पष्ट रूप से दो दिन के भीतर मशीन को चालू कर आमजन को इसका लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी मशीन का संचालन शुरू न होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और आदेशों के अनुपालन पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों का कहना है कि हेल्थ एटीएम मशीन के माध्यम से मरीजों को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन मशीन बंद रहने से आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद मशीन अब तक चालू क्यों नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के निर्देशों का भी समयबद्ध पालन नहीं हो रहा है तो जवाबदेही किसकी तय होगी। क्या जिम्मेदार अधिकारी जिलाधिकारी के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, या फिर आदेशों के अनुपालन की निगरानी में कहीं न कहीं कमी है?
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और आम जनता को सुविधाओं का लाभ दिलाना था। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
इस संबंध में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन के चिकित्सा अधीक्षक से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
