अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
* बांदा: -* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारते हुए चित्रकूटधाम मण्डल के कमिश्नर अजीत कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा गेहूं खरीद केंद्रों पर बोरों की कमी होने और उठान में देरी जैसी समस्याओं को बताया गया जिनको संज्ञान में लेते हुए कमिश्नर ने मण्डल के वरिष्ठ खाद्य अधिकारियों के साथ जरूरी बैठक कर स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*किसान यूनियन ने उठाई थीं समस्याएं, तुरंत हरकत में आया प्रशासन*
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के द्वारा मण्डल के विभिन्न जनपदों में संचालित गेहूं खरीद केंद्रों पर बोरों की अपर्याप्तता, धीमी उठान और तौल में अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी। योगी सरकार की किसान-प्रथम नीति का पालन करते हुए कमिश्नर ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, उप निबन्धक एवं उपायुक्त सहकारिता तथा प्रबन्धक के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा की और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
*कमिश्नर बोले बोरों की कमी से न रुके खरीद, नियमित हो उठान*
बैठक में कमिश्नर ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मण्डल के सभी खरीद केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी दशा में बोरों की कमी के कारण गेहूं खरीद का कार्य बाधित नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खरीदे गए गेहूं का नियमित और समयबद्ध उठान सुनिश्चित करने को कहा ताकि किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक प्रतीक्षा और मानसिक व आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
*गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं, अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों पर होगी कठोर कार्रवाई*
गेहूं खरीद केंद्रों में तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कमिश्नर अजीत कुमार बेहद सख्त दिखे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी और केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर खरीद केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान कराया जा सके।
*दैनिक समीक्षा और वास्तविक रिपोर्टिंग के निर्देश*
योगी सरकार की मंशा के अनुरूप इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मण्डल के समस्त जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं और अब से खरीद कार्य की दैनिक समीक्षा की जाएगी तथा केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रतिदिन कमिश्नर कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। कमिश्नर ने कहा कि शासन की मंशानुरूप किसानों से गेहूं खरीद का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुगमता और समयबद्धता के साथ सम्पन्न कराया जाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
