अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
भारत सरकार द्वारा हस्तशिल्य के संवर्धन एवं विकास के लिए किये जा रहे कार्यो के क्रम में एक दिवसीय विचार गोष्ठी एवं चयनित हस्तशिल्पियों को टूल किट वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। वितरण कार्यक्रम में पधारे सभी आगुंतको का स्वागत सम्मान अधिष्ठाता वानिकी प्रो0 डाॅ0 सजीव कुमार जी ने किया। अधिष्ठाता वानिकी महाविद्यालय ने महाविद्यालय में चल रहे गतिविधियों से भी अवगत कराया तथा यह भी बताया कि आने वाले समय में महाविद्यालय प्रशिक्षण के नये आयामों को अपनाने जा रहा है तथा मंत्रालय के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को उपलब्ध करायेगा। छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अपना योगदान तो दे ही रहे है साथ ही साथ हस्तशिल्प में स्वरोजगार के अवसर भी देख रहे है।
श्री विशाल वर्मा, प्रोत्साहन अधिकारी हस्तशिल्प मंत्रालय प्रयागराज केंद्र ने विभाग एवं मंत्रालय द्वारा दी जा रही है सुविधाओं, वित्तीय समर्थन, जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा तथा सत्त विकास की जानकारी मुहैया करायी गयी। इसी क्रम में श्रीमती तान्या बनर्जी सहायक निदेशक हस्तशिल्प के द्वारा यह बताया गया कि भारत सरकार से प्राप्त अनुमोदन के पश्चात विन्ध्य क्षेत्र में किये जा रहे परंपरागत शिल्प जैसे माटी कार्य, शजर, पत्थर, लकड़ी के खिलौने तथा नये कार्यो में कृषि अवशेष, वन उपज के व्यवसायीकरण हेतु उत्पादन, प्रसंस्करण मूल्यवर्धन, पैकेजिंग एंव बाजार उपलब्धता पर मंत्रालय पूरा सहयोग प्रदान कर रहा है। सहायक निदेशक महोदया ने अपने उद्बोधन में काष्ठ संग्रहालय, नवाचार केंद्र का भ्रमण किया तथा अध्ययनरत छात्र/छात्राओं से संवाद भी किया। संवाद में कहा कि बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा द्वारा संचालित वानिकी महाविद्यालय बुंदेलखण्ड के हस्तशिल्प में विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा शासन के स्तर पर शिल्प के प्रोत्साहन को सभी संभव सहयोग प्रदान किया जायेगा।
हस्तशिल्प टूल किट वितरण कार्यक्रम में हस्तशिल्प मंत्रालय प्रयागराज केंद्र के श्री विशाल वमार्, प्रोत्साहन अधिकारी, श्रीमती तान्या बनर्जी सहायक निदेशक हस्तशिल्प, श्री जाहिद जैदी, एवं संजय कुमार उ0प्र0 राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड। अधिष्ठाता वानिकी प्रो0 डाॅ0 सजीव कुमार, प्रो0 डाॅ0 आनन्द सिंह, उद्यान महाविद्यालय, डा0 मो0 नासिर, सहायक प्राध्यापक वन उत्पाद एवं उपयोगिता विभाग, डाॅ0 कौशल सिंह, सहायक प्राध्यापक वन संवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग, डाॅ0 अवनीश शर्मा, सहायक प्राध्यापक वन जीव विज्ञान एवं वृक्ष सुधार, डाॅ0 दिनेश गुप्ता, सहायक प्राध्यापक वन संवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग, एवं डाॅ0 योगेश यादवराव सुमठाणे, सहायक प्राध्यापक वन उत्पाद एवं उपयोगिता विभाग, आदि उपस्थित रहे।
