नव युग की नारी मयंकिता चौरसिया महोबा के देसावरी पान उद्योग में क्रांति लाने की मिशन पर हैं

Blog

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा:I * उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, आत्मनिर्भर बनाने और सशक्त बनाने को लेकर काम कर रही है तो वहीं स्टार्टअप को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है। जिसके चलते अब महिलाएं भी पुरुषों की तरह ही हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने परिवार का सहारा बन रहीं हैं। बांदा के कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे 3 दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेले में महोबा जनपद की रहने वाली मयंकिता ने अपने स्टार्टअप के स्टाल को लगाया है। स्टाल में पान से कई अनोखे उत्पादो को लगाया है। जिन्हें देखने व उनके बारे में जानने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है।

पान के विकसित किये कई उत्पाद, दुबई तक में हो रही सप्लाई

मयंकिता चौरसिया ने पान से बने कई उत्पाद विकसित किए हैं। जिसमें पान मुखवास, पान गुलकंद, पान चॉकलेट, पान खजूर और अन्य कई उत्पाद इसमें शामिल है। जो सभी प्राकृतिक सामग्री से बने हैं और इनमें किसी तरह का कोई कलर या केमिकल नहीं मिलाया जाता। जिन्हें स्वास्थ्य और स्वाद पर विशेष ध्यान में रखकर बनाए गया है। जिसके परिणाम स्वरूप पिछले तीन वर्षों में इनका वार्षिक टर्नओवर 10 हजार रुपए से बढ़कर 15 लाख रुपए तक पहुंच गया है। मयंकिता श्रीवास्तव ने बीटल लाइफ नाम से अपनी कंपनी बनाई है। जिसके माध्यम से वे केवल एक व्यवसाय ही नहीं बना रही हैं बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर के एक महत्वपूर्ण हिस्से को भी संरक्षित कर रही है। यह यात्रा उन्हें गर्व, आनंद और उद्देश्य की गहरी अनुभूति से भर रहा है। इनके इन उत्पादों की मांग सबके ज्यादा दुबई में है और ये अपने उत्पादों को दुबई तक भेजने का काम करती हैं।

मयंकिता चौरसिया ने बताया कि मैंने अंग्रेजी और इतिहास से मास्टर की डिग्री की है और साल 2021 में मैंने पहली बार नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हिस्सा लिया था। जहां पान को GI टैग मिला था। जिससे उनके भीतर एक नई ऊर्जा जगी और उन्होंने इसकी संभावनाओं को तलाशने का निर्णय लिया। इस निर्णय के साथ जुड़ा उत्साह और अनिश्चिता दोनों ही उनके लिए नए अनुभव थे। इन्होंने बताया कि एक सुरक्षित एकेडमिक पथ से हटकर अज्ञात क्षेत्र में कदम जब मैंने रखा तब मेरे सामने कई चैलेंज आए। जिनका मैंने सामना किया। और परिवार की विरासत और महोबा के देसावरी पान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर ने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इन्होंने बताया कि दुबई के अलावा यूएस व अन्य कुछ देशों में भी इन उत्पादों की सप्लाई की मैं योजना बना रही हूं और बातचीत चल रही हैं। मयंकिता ने बताया कि मेरे इस काम में मेरे दोनों भाई मेरा साथ देते हैं। इन्होंने बताया कि मुझे राज्यपाल चल बैजंती अवार्ड भी मिल चुका है और अब तक लगभग 30 प्रदर्शनी और मेलों में मैंने हिस्सा लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *