अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा मंडल कारागार में बंदियों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार यहां पर अब आधुनिक बैरकों का निर्माण करा रही है। यहां पर 30-30 बंदियों की छमता वाली 4 बैरकें बनाई जा रही है। बैरकों के निर्माण का उद्देश्य बंदियों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा को अभेद्य बनाना है। बैरकों का निर्माण 4 करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से कार्यदायी संस्था UPRNSS (उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड) के द्वारा कराया जा रहा है। वहीं बैरकों का निर्माण कार्य लगभग 20% तक पूरा हो गया है और अक्टूबर 2026 तक निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है।
*बंदियों का दबाव होगा कम, संवेदनशील अपराधियों को मिलेगी अलग जगह*
बांदा मंडल कारागार में बढ़ रहे बंदियों के दबाव व संवेदनशील अपराधियों के लिए अलग व सुरक्षित स्थान देने के उद्देश्य से 4 बैरकें बनवाई जा रही हैं। यहां पर 2 मंजिला 2 भवन बनाये जा रहे हैं। जिसमें 4 बैरकें बनाई जा रही हैं। साथ ही बैरकों के बाहर बनी एक सर्किल वाल में 85 मीटर का नया निर्माण भी कराया जा रहा है। जो सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। वहीं बैरकों के बन जाने के बाद यहां पर बढ़ रहे बंदियों का दबाव कम होगा।
*बैरकों के निर्माण का लगभग 20% कार्य हुआ पूर्ण*
UPRNSS के अपर परियोजना प्रबंधक आयुष सोमवंशी ने बताया कि मंडल कारागार बांदा के अंदर 4 बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है और लगभग 20% कर पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में अभी दीवारों का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही बंदियों के नहाने के लिए अलग से यहां पर एक प्लेटफार्म भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा 85 मीटर की सर्किल वाल का भी निर्माण कराया जा रहा है।
