सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी (बांदा):
नरैनी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नहरी स्थित गौशाला में अव्यवस्थाओं और लापरवाही का आलम इस कदर है कि भूख और उपचार के अभाव में गौवंशों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। गौशाला में भोजन के नाम पर केवल सूखा भूसा डाला जा रहा है, जिससे कई गौवंश बीमार हो चुके हैं जबकि कुछ ने दम तोड़ दिया है।
शनिवार को नहरी गौशाला में हालात देखने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला में चार केयरटेकर मौजूद तो थे, परंतु देखभाल के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही थी। मौके पर एक गौवंश मृत अवस्था में मिला जिसकी आंखें कौवों ने नोच डाली थीं, जबकि सात अन्य गौवंश बीमार और घायल हालत में पाए गए।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान के पुत्र मौके पर पहुंचे और मृत गौवंश का अंतिम संस्कार कराया। साथ ही बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया। इलाज के बाद भी भोजन के रूप में केवल भूसा ही डाला गया, जिससे स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। शासन द्वारा हर गौशाला के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, लेकिन अधिकतर केवल दिखावे का निरीक्षण करते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते शासन की गौ संरक्षण योजना की छवि धूमिल हो रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिलाधिकारी बांदा तत्काल संज्ञान लेकर नहरी गौशाला की वास्तविक जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अन्यथा आने वाले समय में इन बेजुबान गौवंशों को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
