राघवेन्द्र शर्मा उरई (जालौन)। जनपद जालौन के उरई शहर में बुधवार शाम तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला जहां एक सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार ने ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में ई-रिक्शा चालक सहित उसका एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को जिला अस्पताल उरई में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के लिए रेफर कर दिया गया है जिनमें एक की हालत अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 7:20 बजे जेल रोड से जिला परिषद की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार (नंबर UP 92 X 0999) ने राजपाल रिसॉर्ट के सामने जिला परिषद से जेल रोड की तरफ जा रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार गलत दिशा से तेज गति में आ रही थी जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे ई-रिक्शा से भिड़ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व उसका साथी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का आरोप है कि इनोवा कार में सवार दो व्यक्ति नशे की हालत में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब स्थानीय लोगों ने कार सवारों को बाहर निकाला तो उनमें से एक सफेदपोश नेता ने घायल ई-रिक्शा चालक को गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं जब एक व्यक्ति घटना का वीडियो बना रहा था तो कार चालक और उसके साथी ने उससे भी अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी दी और मौके से फरार हो गए। हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोग अक्सर दुर्घटना कर पीड़ितों को डराकर बच निकलते हैं जिससे पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है। मामले में घायल ई-रिक्शा चालक की मां ने उरई कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर वाहन और उसमें सवार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एक व्यक्ति द्वारा अपना नाम लिखाने की शर्त पर इनोवा क्रिस्टा गाड़ी में बैठे सफेदपोश नेता का नाम बताया जो उनको पहचानता था गाड़ी में बैठे व्यक्ति का नाम जनपद के ही बालू खनन माफिया और कालपी रोड पर एक होटल मालिक रामऔतार राजपूत उर्फ रामऔतार बाबू जी और उनके ड्राइवर नाम सामने आया है। अब देखना यह है कि क्या कोतवाली पुलिस इनके खिलाफ कार्यवाही कर पीड़ित को न्याय दिलाएगी या फिर मामले को दबाकर एक कोने में रख दिया जाएगा।
