जन्मजात दोषों से पीड़ित 116 बच्चों में 103 बच्चों की कराई गई सर्जरी*

Blog

 

अनिल सक्सेना  की रिपोर्ट

*बांदा    i-* सरकार की मंशा है कि जन्म से 18 वर्ष तक के जन्मजात दोषों से पीड़ित बच्चों का बेहतर इलाज कर उन्हें अच्छा जीवन दिया जाए। इसको लेकर बांदा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिए जन्मजात दोषों से पीड़ित बच्चों का निशुल्क इलाज कराकर उन्हें नया जीवन देने का काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले जन्मजात दोषों से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। जिसके बाद बीमारी के आधार पर उनको बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज व बड़े शहरों के अन्य संबंधित अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। जिसके बाद सर्जरी के जरिए बच्चों का बेहतर व निःशुक्ल इलाज कराया जाता है।

सन 2025-26 में 116 बच्चों की स्क्रीनिंग कर 103 बच्चों की कराई गई सर्जरी

बांदा में सन 2025-26 में जन्मजात दोषों से पीड़ित 116 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जन्मजात दोषों में जैसे रीढ़ की हड्डी, पैर व कूल्हे का टेढ़ा होना, होंठ कटे होना, तालू का तार जुड़ा होना, मोतियाबिंद, भेंगापन, अल्पविकसित दिमाग व दिल मे छेद होना आदि कई तरह के दोष शामिल हैं। बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इन बच्चों को बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज समेत प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ व आगरा आदि जगहों के बड़े अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में भर्ती कराया गया। जिसमें 103 बच्चों की सर्जरी की गई है। वहीं 13 बच्चों की सर्जरी व इलाज की प्रक्रिया चल रही है।

सीएमओ डॉक्टर विजेंद्र कुमार ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हमारे स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा बच्चों की समय समय पर स्क्रीनिंग की जाती है। जिसके बाद जन्मजात विकृतियों का पता लगाया जाता है और उनका शीघ्र उपचार कराया जाता है। इन्होंने बताया की सरकार का उद्देश्य है कि गरीब बच्चों को उच्च चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जाए। जिससे कि जन्मजात दोषों से पीड़ित बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *