क्षेत्र में चल रहा अवैध मुरूम खनन खनिज विभाग संदेह के दायरे में

Blog

शिव शर्मा की रिपोर्ट

छुईखदान=== विकासखंड छुईखदान इन दिनों अवैध मुरूम खनन को लेकर सुर्खियों में है। क्षेत्र में खुलेआम मुरूम का उत्खनन कर उसे शासकीय एवं निजी निर्माण कार्यों में खपाए जाने की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन का खेल तीनों तहसीलों में लगातार जारी है और खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

जानकारी के अनुसार, छुईखदान विकासखंड वनांचल और खनिज संपदा से जुड़ा क्षेत्र है। ऐसे में यहां मुरूम की अवैध खुदाई लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद खनिज विभाग द्वारा केवल खानापूर्ति की कार्रवाई की जाती है, जिससे विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। कुछ लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

इन मार्गों पर सबसे ज्यादा शिकायत

क्षेत्रवासियों ने ग्राम खैरी, घिरघोली के आगे ग्राम कानीमेरा उदयपुर से दनिया रोड, पद्मावतीपुर, रगरा और अतरिया बाजार, में ज्यादा मात्रा में खनन की शिकायत है। छुईखदान विकास खण्ड के तीनों तहसील इससे अछूता नहीं है छुईखदान साल्हेवारा क्षेत्र गंडई छेत्र में सड़क मार्ग पर जांच की जाए तो इस क्षेत्र में सबसे अधिक अवैध खनन होने की जानकारी आएगी। बताया जा रहा है कि यहां से प्रतिदिन मुरूम से भरे वाहन निकल रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि मुरूम से लदी गाड़ियां थाना और तहसील कार्यालय के सामने से गुजरती हैं, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जनदर्शन में करेंगे शिकायत

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनदर्शन में पहुंचकर मुख्यमंत्री और कलेक्टर से सीधे शिकायत करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और शासन को राजस्व की हानि हो रही है। जगह जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिया गया है
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और अवैध खनन पर कब तक लगाम लगती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *