अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
*बांदा ii प्राचीनतम तीर्थ नैमिषारण्य जहा 88 हजार ऋषियों/मुनियों ने एक साथ तपस्या सहित जहां वेदों/पुराणों की रचना हुयी है, ऐसे पावन धाम को जाने हेतु रेल मार्ग की कोई सुविधा न होने से तीर्थ यात्रियों/श्रद्धालुओं को हो रही कठिनाई के निवारण हेतु गठित “नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति” उ0प्र0 द्वारा जनपदों में चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान दिन प्रतिदिन जोर पकड़ता जा रहा है।
*समिति के बांदा जिला सचिव श्री एस0के0सिंह ने बताया कि अन्य जनपदों की भांति बांदा जनपद से भी 512 नागरिकों ने मा० प्रधानमंत्री जी एवं रेल मंत्री जी, भारत सरकार से प्रार्थना की है, कि नैमिषारण्य को मथुरा से रेल द्वारा जोड़े जाने के मिमित्त यदि नैमिषारण्य से हरदोई होकर फर्रूखाबाद तक मात्र 112 किमी0 नई रेल लाइन बिछा दी जाये तो पूरे भारत के सभी तीर्थ एवं वैश्विक पर्यटन केन्द्र न केवल रेलमार्ग से जुड़ जायेंगे अपितु पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को गोरखपुर होकर बुढबल, सीतापुर, फर्रुखाबाद, मथुरा होकर, चित्रकूट पश्चिमी एवं मध्य भारत के राज्यों को एक नया रेल गलियारा चिलपुर सहित मिल जायेगा
*तथा नैमिषधाम प्रदेश के हर जिले से रेल द्वारा सीधे जुड़ जायेगा एवं एक दर्जन जिलों को आपस में रेल द्वारा आवागमन की सुविधा सुलभ हो जायेगी। आपस में समिति के जिला सचिव श्री एस0के0सिंह ने बताया कि अब तक लखनऊ, अयोध्या, हरदोई, मथुरा, चित्रकूट, बांदा, हाथरस, आगरा, आजमगढ़ आदि के 4699 + 512 = 5211 (पांच हजार दो सौ ग्यारह) नागरिकों द्वारा मा० प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर नैमिष को रेल मार्ग द्वारा मथुरा से जोड़ने की मांग की गयी है। इसी क्रम में श्री एस0के0 सिंह द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि पूज्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम सरकार के बांदा आगमन पर विगत 20 जनवरी को भी इस सम्बन्ध में उनके स्तर से मा० प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखने हेतु ज्ञापन दिया गया था।
