सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
बांदा के प्राइवेट हॉस्पिटल में 4 फरवरी 2026 को निशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है।
यह शिविर अस्पताल की स्थापना के सफल दो पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। शिविर में मरीजों को मुफ्त दवा, जांच में छूट और निशुल्क ओपीडी सुविधा दी जाने की बात कही गई।मगर वास्तव में अपनी खोई हुई शाख को वापस लाने की एक कवायत नजर आई।
हमेशा से मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले हस्पताल ने पुनः बांदा के मरीजों में अपना विश्वास जगाने का प्रयास किया।
निशुल्क के नाम पर लुभावने ऑफर,
सभी प्रकार के मरीजों को पांच दिन की दवाइयां निःशुल्क प्रदान किए जाने की बात पर की।
मगर कितनी असर दार है भगवान के बाद धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टर ही जाने।
आज के शिविर में खून की विभिन्न जांचों पर 25 प्रतिशत और सभी प्रकार के अल्ट्रासाउंड जांच पर 200 रुपये की छूट दी जाने की बात भी की गई।
ओपीडी का पर्चा भी पूरी तरह निशुल्क रहा है
अभी तक बांदा जिला प्रशासन के एक सजातीय बंधु को इस हॉस्पिटल को अवैध बताया गया था मगर जांच अधिकारी की भागीदारी सामने आने पर उनका अंतर जनपदीय ट्रांसफर कर मामले को दबाने का काम पहले ही किया जा चुका है।
समाज सेविका जनता दल यूनाइटेड के महिला प्रदेश उपाध्यक्ष शालनी सिंह पटेल जी के द्वारा कई दिनों अनशन कर इस अवैध नर्सिंग होम को पोल उजागर करने का काम किया गया था।
मगर मामले की गंभीरता को देखड़े हुए शासन ने नर्सिंग होम संचालक के रसूख के चलते जांच अधिकारी का ट्रांसफर कर मामले को रफा दफा करने का काम किया गया।
