सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा: 5 फरवरी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों व उनके परिवारों का बड़ा सहारा बनी है। इस योजना के जरिए योगी सरकार दुर्घटनाग्रस्त किसानो की मृत्यु या उनकी विकलांगता के बाद किसानों व उनके आश्रित परिवारों को तत्काल वित्तीय मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है। इस योजना के अंतर्गत मृत्यु व पूर्ण विकलांगता पर सरकार 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे रही है। बांदा में लगभग 1000 लाभार्थियों को इस योजना के तहत सरकार ने मदद देकर मरहम लगाने का काम किया है।
1562 दावों में 1068 स्वीकृत व 964 पीड़ित परिवारों को मिली मदद
बांदा जिले में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 14 सितंबर 2019 से अब तक 1562 दावे किए गए। जिसमें 1068 दावों को स्वीकृत किया गया। जिसमें 964 पीड़ित परिवारों को लगभग 45 करोड रुपए का भुगतान किया गया है। वहीं शेष लाभार्थियों को जल्द ही इस योजना के अंतर्गत आर्थिक मदद देने का काम किया जाएगा। इस योजना में किसान की मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर सरकार 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है। वही 25% से 50% के बीच विकलांगता पर एक से दो लाख रुपये और 50% से अधिक विकलांगता पर अनुपातिक सहायता दी जाती है।
सुनीता करेंगी आर्थिक मदद में मिले पैसों से बेटी की शादी
सदर तहसील क्षेत्र के दतरौली गांव की रहने वाली सुनीता देवी के पति कमल सिंह की अप्रैल 2024 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। जिसके बाद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत इन्हें 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद सरकार से मिली। सुनीता ने बताया कि आर्थिक मदद में जो पैसे मुझे मिले हैं उनको मैंने अपने बैंक के खाते में जमा कर रखा है और अपनी बेटी प्रांशु कि मैं उन पैसों से शादी करूंगी। इन्होंने बताया कि पति की मौत के बाद मेरे सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था और सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अपनी बेटी की शादी में कैसे करूंगी। वही सरकार से जब 5 लाख रुपये का चेक मिला तो बेटी की शादी के लिए पैसों को इकट्ठे करने की मेरी चिंता खत्म हो गई।
मालती करा रहीं अपने बेटे का इलाज
सदर तहसील क्षेत्र के गोधनी गांव की रहने वाली मालती के बेटे राहुल की मार्च 2023 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद इन्हें भी सरकार से 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिली। मालती ने बताया कि मेरा बड़ा बेटा मनोज किडनी की बीमारी से पीड़ित है। मुझे आर्थिक मदद के रूप में जो पैसे मिले हैं उनसे मैं अपने बेटे का इलाज करा रही हूं। इन्होंने बताया कि मेरे छोटे बेटे राहुल की तो सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वहीं बड़ा बेटा बीमार था और मैं उसका इलाज नहीं करा पा रही थी और बहुत परेशान थी। वहीं आर्थिक मदद में जो पैसे मिले हैं उससे मैं अपने बेटे का इलाज कर रही हूं और मेरा बेटा अब सुरक्षित है।
डिप्टी कलेक्टर इरफान उल्लाह खां ने बताया कि किसानों व उनके परिवार वालों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की यह बहुत हितकारी योजना है। इन्होंने बताया कि किसान की दुर्घटना में मृत्यु होने पर या विकलांगता होने पर इस योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। इस योजना को लेकर जिलाधिकारी महोदय द्वारा गहन समीक्षा की जाती है व त्वरित कार्रवाई करते हुए लाभार्थियों को लाभ दिलाने का काम किया जाता रहा है।
