शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव । राजनांदगांव भारतीय दंड संहिता की धारा 376 376( 2) N 377 (2) 294 एवं 506 के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी पप्पू साहू उर्फ़ पप्पू कलिहारी रिद्धि सिद्धि कॉलोनी राजनंदगांव को दो सामुक्त करने का आदेश पारित किया है यह आदेश माननीय सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजनंदगांव के पीठासीन अधिकारी विजय कुमार साहू के द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 51 / 2024 में दिनांक 29/01/ 2026 को पारित किया गया है प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं गवाहों के कथनों का गहन परीक्षण किया गया न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि अभियोजन आरोपी को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा है साक्ष्य में विरोधाभास एवं विश्वसनीय के अभाव को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी पप्पू साहू उर्फ़ पप्पू कलिहारी रिद्धि सिद्धि निवासी फेस 3 राजनांदगांव को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त करने का आदेश पारित किया है माननीय सत्र न्यायालय फास्ट्रेक कोर्ट ने यह भी कहा है कि आपराधिक मामलों में आरोपी को तभी दोषी ठहराया जा सकता है जब अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को ठोस विश्वसनीय एवं निर्विवाद साक्ष्य के आधार पर सिद्ध करें वर्तमान प्रकरण में ऐसा न हो पाने के कारण आरोपी को बइज्जत बरी किया जाना न्यायोचित पाया गया आदेश पारित होते ही आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मौलेश तिवारी ने प्रभावी तथ्य आत्मक एवं कानून सम्मत दलीलें प्रस्तुत की अधिवक्ता मौलेश तिवारी ने न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य में व्यापक विरोधाभाष तथा आरोपी की पुष्टि हेतु कोई ठोस एवं विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है अधिवक्ता मौलिक तिवारी की सशक्त पैरवी एवं विधि तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपी पप्पू कलिहारी उर्फ पप्पू साहू को बइज्जत बरी करने का आदेश प्रदान किया है मौलेश तिवारी अधिवक्ता ने इस सत्य तथ्य और कानून की जीत बताया है
