शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव।
फर्जी एवं कूट रचित दस्तावेज तैयार कर स्कूल का संचालन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में संस्था के ही एक संस्थापक सदस्य ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर दोषी सदस्यों के विरुद्ध अपराध दर्ज करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यापारा दुर्ग स्थित वीआरटी स्कूल के पास संचालित वाणी एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी (पंजीयन क्रमांक 22308, दिनांक 19.12.2011) के विरुद्ध यह शिकायत की गई है। संस्था में श्रीमती रितु देवांगन (अध्यक्ष), जामवंत देवांगन (सचिव), वाणी देवांगन (उपाध्यक्ष), लिकेश देवांगन (कोषाध्यक्ष), भुनेश्वरी देवांगन (सह-सचिव) सहित अन्य सदस्य पदस्थ हैं।
शिकायतकर्ता नैन दास साहू, जो वर्ष 2011 से संस्था के आजीवन सदस्य रहे हैं, ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया है कि संस्था के विभिन्न बैठक रजिस्टर एवं प्रस्ताव पंजी में उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। संदेह होने पर उन्होंने सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, दुर्ग संभाग में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त की।
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, अनावेदकगण जामवंत देवांगन, रितु देवांगन, पुष्पा सिंह, ईश्वंत, खिलेश्वरी, मोनिका कु. वाणी, लिकेश कुमार, गुलेश्वरी, सुक्ति ठाकुर एवं कल्याणी देवांगन द्वारा विभिन्न वर्षों के फॉर्म-7 (फार्मिंग पार्ट) एवं क्लास-6 (निर्वाचित प्रबंध समिति सदस्यों की सूची) में शिकायतकर्ता के नाम के सामने कूट रचित हस्ताक्षर कर शासकीय कार्यालय में प्रस्तुत किए गए।
शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संस्था की सदस्य सूची में एक नाबालिग तथा एक मृत व्यक्ति का नाम अब तक दर्ज है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
