मिस्कीन शाह वर्सीय का 107 वाँ उर्स शुरू

Blog

   अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बाँदा-कौमी एकता का प्रतीक नरैनी रोड स्थित हज़रत मिस्कीन शाह वारसी रह0 का 107 वाँ सालाना तीन दिवसीय उर्स बुधवार की सुबह से शुरू हो गया ।
इस उर्स में देश भर से आये हुए हिन्दू मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग शिरकत कर रहे हैं ।
बुधवार की सुबह दरगाह में ग़ुस्ल की रस्म अदायगी के बाद सन्दल व चादर पोशी हुई इसके बाद खानकाही कव्वालियों की महफिल सजाई गई ।
दोपहर में अलीगंज स्थित स्वर्गीय सगीर हुसैन वारसी के आवास में शहज़ाद हुसैन वारसी की तरफ से खानकाही महफ़िल सजाई इसमें कव्वाल पार्टी जुनैद मुरली शाहजहांपुर, अब्दुल हफ़ीज़ सैय्यद सरावां प्रयागराज, जावेद अज़ीम अमरोहा, वकील जहांगीरी बेलाताल, शहज़ादे बाँदा,दिलबर ताज नागपुर, वकील साबरी बाँदा ने खानकाही कलाम सुनाए इसके बाद सगीर हुसैन के अवास से चादर जुलूस उठाया गया जो खानकाही कलाम के साथ गूलर नाका स्थित दरगाह के मुतवल्ली निज़ामुद्दीन फारूकी के आवास पहुंचा मुतवल्ली आवास में भी खानकाही कव्वालियों की महफ़िल सजाई गई शाम को मुतवल्ली के आवास ये चादर जुलूस फिर उठाया गया रास्ते मे जगह जगह इस चादर जुलूस का स्वागत किया गया लोगों ने अपनी अपनी अकीदत के मुताबिक लंगर किया,ये जुलूस देर रात निर्धारित रास्तों से होता हुआ हज़रत मिस्कीन शाह वारसी रह0 की दरगाह पहुंचा जहां गुलपोशी व चादर पोशी की गई ।
इस पूरे कार्यक्रम में देश भर के सैकड़ों अकीदत मन्दों के साथ साथ विशेष रूप से वारसी एहरामपोश अल्हाज तग़य्युर शाह वारसी कानपुर,बेनज़ीर शाह वारसी लखनऊ, कम्बर शाह वारसी मिर्ज़ापुर, कल्लन बाबा कानपुर, मलामत शाह कानपुर, जमाल शाह पिंडरा मऊ, अजमल शाह वारसी उर्फ मुन्ना बाबा आस्ताना खादिम मौजूद रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *