शिव शर्मा छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ
जगदलपुर, बस्तर जिले में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन ने नए साल की शुरुआत में ही कड़ा रुख अपनाया है। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा 9 और 10 जनवरी को आड़ावाल स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर में दो दिवसीय सघन जांच शिविर का आयोजन किया गया।*
परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की कुल 69 स्कूल बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। जांच को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए परिवहन विभाग और नगर सेना के जिला अग्निशमन अधिकारी की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
निरीक्षण के दौरान बसों की फिटनेस के साथ-साथ आपातकालीन सुरक्षा उपकरणों की भी गहन पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि 10 स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सभी 10 वाहनों पर जुर्माना लगाया और भविष्य में ऐसी चूक न दोहराने की सख्त चेतावनी दी।
प्रशासन ने स्कूल बस संचालकों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराकर इसकी सूचना अनिवार्य रूप से परिवहन विभाग को दें।
*〽️एवं जगदलपुर के सारे प्राइवेट स्कूलों में जो मारुति वैन स्कूल से बाहरी रूप से चलाई जा रही है। उसका भी जांच का विषय बनता है क्योंकि उसे गाड़ियों में ना परमिट है ना फिटनेस है प्राइवेट वाहनों को स्कूलों में बेधड़क दौड़ाया जा रहा है।*
साथ ही, सभी स्कूल प्रबंधन को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की जांच लगातार जारी रहेगी।
