सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी (बांदा)। सनातन संस्कृति की रक्षा और हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से शिवशक्ति अखाड़ा द्वारा नगर में शौर्य प्रदर्शन एवं जनजागृति रैली का भव्य आयोजन किया गया। यह रैली ऐतिहासिक रामलीला मैदान से जयघोष के साथ प्रारंभ हुई, जो नगर के चारों मुख्य मार्गों से होते हुए प्रमुख चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुई।
शस्त्र प्रदर्शन और स्वरक्षा का संदेश:
रैली के दौरान नगर का दृश्य उस समय अत्यंत जोशपूर्ण हो गया जब हनुमान चौक और मुख्य चौराहे पर संन्यासियों ने पारंपरिक शस्त्रों का प्रदर्शन किया। संन्यासियों द्वारा किए गए शस्त्र अभ्यास को देखकर स्थानीय नागरिक मंत्रमुग्ध रह गए। अखाड़े के संन्यासियों ने युवाओं को संदेश दिया कि आज के समय में केवल शास्त्र ही नहीं, बल्कि स्वरक्षा के लिए शस्त्र अभ्यास का ज्ञान होना भी अनिवार्य है। उन्होंने समाज को शारीरिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनने पर विशेष बल दिया।
एकजुटता ही भविष्य का आधार – मधुरामशरण शिवाजी:
अखाड़े के संस्थापक मधुरामशरण शिवाजी ने अपने संबोधन में जातिवाद और आपसी भेदभाव पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हिंदू समाज संगठित नहीं हुआ, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हिंदू राष्ट्र’ की संकल्पना तभी पूरी होगी जब समाज के अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी अपनी पहचान के प्रति गर्व महसूस करेगा और राष्ट्र रक्षा के लिए एकजुट होगा।
अनुशासन और संकल्प के साथ समापन:
आयोजक सोनू करवरिया के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सनातनी बंधु और युवा शामिल हुए। रैली में सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने शिवशक्ति अखाड़ा के सिद्धांतों का पालन करने और समाज की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
