गरीब किसान की बेटी ने कर दिखाया कारनामा, सीमा सुरक्षा बल में हुई चयनित,

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शिव शर्मा की रिपोर्ट

*कोरबा/पाली:-* ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां कैसे अपनी लगन और मेहनत से देश के लिए महत्त्वपूर्ण पदो पर पहुँचकर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर रही है। ऐसे ही ग्रामीण इलाके के एक गरीब किसान की बेटी ने वह कर दिखाया है जिससे पूरा गांव गौरवान्वित है। उसने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कामयाबी हासिल कर दूसरी लड़कियों को भी सीख दी है कि जीवन मे कुछ हासिल करने का जज्बा हो तो इसमें असफलता नही मिलती है। यह कारनामा कोरबा जिले के पाली विकासखण्ड अंतर्गत एक छोटे से गांव दादर के एक गरीब किसान सुखीदास की बेटी प्रभा ने कर दिखाया है।

पाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम लाफा के आश्रित दादर निवासी एक छोटे कृषक सुखीदास एवं गृहणी रामबाई की प्रभा तीसरी नंबर की पुत्री है। पिता किसानी कार्य के साथ मिस्त्री भी है। 22 वर्षीय प्रभा महंत ने गरीबी को नजदीकी से देखी है, परिस्थिति से लड़ी और अपने अंदर हौसला रखी। दिल मे सफलता हासिल करने की तमन्ना लिए निरंतर अध्ययन करती रही। ईमानदारी के साथ पढ़ाई की जिसका परिणाम आज गांव व जिला में सामने है। पश्चिम बंगाल में कड़ा प्रशिक्षण पूरा कर प्रभा जब अपने गांव लौटी तब लोगों में गर्व के साथ खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाईयां बांटी व बधाइयां दी। अपनी सफलता को लेकर प्रभा का कहना है कि मां- पिता के आशीर्वाद व समर्थन और खुद के कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प से गरीबी की बाधाओं को पार करते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी हार नही मानी, तब जाकर अपने सपने को पूरा की हूँ। पिता सुखीदास ने बताया कि प्रभा बचपन से पढ़ाई में मेघावी के साथ- साथ खेलकूद के गतिविधियों में शामिल रहा करती थी। विश्वास था कि एक दिन मेरी बेटी जरूर नाम रोशन करेगी जो आज सच साबित हो गया। यह छोटे से गांव दादर सहित पाली क्षेत्र के लिए बड़े गौरव की बात है और क्षेत्रवासियों की जुबां पर प्रभा का ही नाम है। प्रभा की यह सफलता उन छात्रों को प्रेरित करती है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनो को छोड़ देती है साथ ही यह दर्शाती है कि संसाधनों की कमी के बावजूद सफलता संभव है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत है।

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