पानी की पाठशाला में जल संरक्षण का संदेश, वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गान

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    सुनील सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा।
विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल में जल संरक्षण की आवश्यकता को लेकर “पानी की पाठशाला” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आगंतुक अतिथियों के बैज अलंकरण के साथ किया गया। विद्यालय के निदेशक पूर्णाशीश रथ ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया और जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा “पानी की कहानी, बचानी है ये ज़िंदगानी” तथा “नदियाँ हमारी, उन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी” जैसे संदेशपरक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
पिछले 30 वर्षों से जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय, “खेत पर मेड़, मेड़ पर पेड़” अभियान के प्रणेता एवं जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि केवल नीतियाँ बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जल संरक्षण के लिए जन-जन की सहभागिता और व्यवहारिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और सभी धर्मों में पानी को पवित्र माना गया है।
KCNIT Group के चेयरमैन अरुण कुमार निगम ने अपने उद्बोधन में जल संरक्षण के साथ-साथ माता-पिता के प्रति कर्तव्यनिष्ठा एवं सम्मान का महत्व बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को कभी उपेक्षा का पात्र न समझें, बल्कि उनका सदैव सम्मान करें।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने पानी की पाठशाला विषय पर विचार रखते हुए जल संकट के कारणों की पहचान और उनके समाधान पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गीत का गायन किया, इसके पश्चात भारत माता की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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