वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगा उत्पादन, घटेगा खर्च — सफल किसान हिरेन्द्र साहू का सुझाव

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शिव शर्मा की रिपोर्ट

राजनांदगांव। सफल किसान हिरेन्द्र कुमार साहू, निवासी खोरा टोला, ने किसानों से अपील की है कि वे रवि फसल की बुवाई में प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि धान कटाई के बाद अब चना, गेहूं, मसूर, मटर, अलसी और सरसों जैसी फसलों की बुवाई प्रारंभ होने वाली है, जिसमें अच्छे उत्पादन के लिए प्रमाणित बीजों का उपयोग आवश्यक है।
श्री साहू ने बताया कि प्रमाणित बीज निरोग, पुष्ट और अधिक अंकुरण क्षमता वाले होते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है। हल्के या अनुप्रमाणित बीज अंकुरण में कमजोर होते हैं और फसल पर सीधा असर डालते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान चाहें तो घर पर भी प्रमाणित बीज तैयार कर सकते हैं, इसके लिए अच्छी फसल की दानेदार बालियों का चयन कर, उन्हें मिजाई के बाद धूप में सुखाकर सुरक्षित स्थान पर संग्रहित करना चाहिए।
खेती से पूर्व बीज को बावस्टीन या थायरम से उपचारित कर बुवाई करना आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने किसानों को सीड ड्रिल मशीन से बुवाई करने की सलाह दी, जिससे बीज और खाद समान रूप से खेत में गिरते हैं। इससे खाद की बर्बादी कम होती है, पानी की बचत होती है और फसल में नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
हिरेन्द्र साहू ने किसानों से कहा कि वे कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से ही खेती करें, जिससे उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ेंगे। यदि गांव में कृषि अधिकारी उपलब्ध न हों तो किसान किसान कॉल सेंटर (टोल फ्री नंबर 1551) पर संपर्क कर निःशुल्क सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नवंबर माह तक रवि फसल की बुवाई पूर्ण करने पर बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है।

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