गैंगस्टर कोर्ट बांदा ने सुनाई दो वर्ष छह माह की सजा, पांच हजार का जुर्माना भी लगाया

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निज संवाददाता

 

बांदा। संवाददाता।
जनपद बांदा की गैंगस्टर कोर्ट ने एक संगठित अपराधी गिरोह के चार सदस्यों को दोषी करार देते हुए दो वर्ष छह माह के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 (गैंगस्टर एक्ट) के तहत की गई।

थाना चिल्ला के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह ने 30 सितम्बर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आदर्श कुमार पुत्र हनुमान प्रसाद, भोला पुत्र रमेश लोधी, सर्वेश पुत्र हरिलाल एवं नरेश पुत्र मंगल लोधी, सभी निवासी जनपद फतेहपुर, एक संगठित गिरोह बनाकर अवैध हथियारों के बल पर लूट और राहजनी जैसे अपराधों को अंजाम देते थे।

गैंग की विवेचना निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह, पैरोकार अभिजीत, कोर्ट मोहर्रिर गौरव दिवाकर और जीतेन्द्र कुमार ने की।

मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) गैंगस्टर एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा ने चारों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि यह गिरोह चोरी व निर्माणाधीन अवैध हथियारों का उपयोग कर आसपास के जिलों में दहशत फैलाता था। इनके आतंक के कारण कोई व्यक्ति रिपोर्ट दर्ज कराने या गवाही देने का साहस नहीं कर पाता था। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा —
“संगठित अपराध और अवैध हथियारों का उपयोग समाज में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करता है, जिसे समाप्त करना कानून का  उद्देश्य है।

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