ओमप्रकाश उदैनिया की रिपोर्ट
उर ई जालौन
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज झांसी रोड उरई में सप्तशक्ति संगम ” मातृशक्ति सम्मेलन” का आयोजन किया गया. इस अवसर पर माताओ ने अपने अनुभव और विचार साझा किये! कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ.कार्यक्रम प्रभारी विनीता नायक द्वारा अतिथियों का परिचय कराया गया!इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य अतुल कुमार वाजपेई ने कार्यक्रम की प्रस्तावकी रखते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही हमारे देश में नारी का प्रथम स्थान रहा है इस समाज में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका एक माँ की होती है!माँ ही बच्चों की प्रथम गुरु होती है आज की नारी अबला नहीं, सबला है!नारी को आत्म निर्भर होते हुए अपनी जिम्मेदारी को निर्वहन करना है! मुख्य अतिथि के रूप में बालिका शिक्षा की प्रांतीय प्रशिक्षका कानपुर से प्रियंका श्रीवास्तव उपस्थित रहीं!उन्होंने कहा कि महिलाए समाज व परिवार को जोड़ने का काम करती है! परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई है एक महिला पहले परिवार का विकास करती है इसके बाद समाज और फिर राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देती है! उन्होने स्वदेशी, स्वाभिमान, स्वभाव, स्वबेश, नागरिक कर्तब्य, पर्यावरण आदि पर बल दिया!उन्होंने कहा हम बदलेंगे, युग बदलेगा तभी देश बदलेगा! ज्ञान शक्ति, आत्म शक्ति, संस्कार शक्ति, संगठन शक्ति, रचना शक्ति, नेतृत्व शक्ति और राष्ट्र शक्ति के बारे में महिलाओ को जागृत किया!समाज सेविका शकुंतला यादव ने कहा कि माता उस बीज का पालन पोषण करती है, जो मीठे फल देता है मातृशक्ति की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में महिलाओं को बालिकाओं के बारे में ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है मोबाइल के दुष्परिणामों के बारे में भी बच्चों को जानकारी देना चाहिए वह इसका उपयोग कब किया जाना चाहिए इस पर भी विचार करना चाहिए उनके अनुसार शिक्षा से ही व्यक्ति उत्तम नागरिक बन सकता है तथा शिक्षा द्वारा ही छात्र एवं छात्राओं के चरित्र का निर्माण होता है! नगर की प्रतिष्ठित चिकित्सक रेनू चन्द्रा ने कहा कि हर कामयाब पुरुष के पीछे नारी शक्ति का ही हाथ रहा है आज की मां यदि बालक की हर गतिविधि पर ध्यान रखें तो बालक आगे चलकर एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकता है! इस मौके पर उर्मिला गुप्ता,सुनीता शर्मा, चुन्नी सिंह, कार्यक्रम प्रभारी विनीत नायक, प्रियंका दीक्षित और 80 महिलाएं उपस्थित रही! कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र कुमारी द्वारा किया गया!
