रिपोर्ट सोनू करवरिया
नरैनी कस्बे के राजनगर मुहल्ला निवासी आशुतोष शुक्ला के 12 वर्षीय पुत्र शिवाय की शनिवार सुबह दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। घटना सुबह करीब 5 बजे उस समय हुई जब वह अपने बाबा ओमप्रकाश शुक्ला के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकला था। दोनों शिवनाथ मंदिर के दर्शन हेतु गए थे, जहां बाबा मंदिर में व्यस्त हो गए और शिवाय नहर की पटरी पर टहलने लगा। इसी दौरान चप्पल उतारकर टहलते समय उसका पैर फिसल गया और वह त्रिपुला मेन केन नहर (बांदा सीमा) में गिर गया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों, जिनमें गढ़ा निवासी लालू यादव प्रमुख रहे, ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया और तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और सघन खोज अभियान शुरू किया गया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों की सहायता से शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर बरामद किया गया।
इस दुखद घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि नहर विभाग की लापरवाही के कारण समय पर मदद नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर सूचना देने के बावजूद S.D.O. रोशनी कश्यप ने फोन नहीं उठाया और बाद में डेढ़ घंटे की देरी से अधिशासी अधिकारी को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एस.डी.ओ. कभी मुख्यालय (नरैनी) में उपस्थित नहीं रहतीं, जिससे समय पर आपात स्थिति से निपटना कठिन हो जाता है।
इस पूरे मामले में नहर विभाग के एक्सईएन अरविंद पांडे ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें जैसे ही सूचना मिली, तत्काल अधिशासी अभियंता को सूचित किया गया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी।
शिवाय सातवीं कक्षा का छात्र था और कस्बा स्थित बेलकन्नी विद्यालय (पड़मई के पास) में पढ़ता था। वह दो भाइयों में बड़ा था, छोटे भाई का नाम सिद्ध शुक्ला है। हादसे के बाद से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है।
