आत्माराम त्रिपाठी
बांदा । तीन दिन पहले अतर्रा पुलिस में एक व्यापारी को मुकदमा पंजीकृत करके जेल भेजा था उसी मामले में व्यापारी की पत्नी ने आज डीआईजी व एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रागिनी ने आरोप लगाते हुए बताया कि पीड़िता के पति दीपक कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल गुप्ता व अन्य के विरूद्ध थाना अतर्रा में मु0अ0सं0-274 /24 धारा 191 (2), 191 (3), 140 (1), 115(2), 352,
351(3), 109बी0एन0एस व धारा 30, 25, 27 A एक्ट का मुकदमा पंजीकृत करके जेल
भेजा गया है प्रथम सूचना रिपोर्ट दिनांक-02.11.2024 को समय 21:24 बजे थाना अंतर्रा
में पंजीकृत की गयी थी परन्तु पीड़िता के पति व अन्य को रिपोर्ट लिखे जाने के पहले 24 घण्टे पहले पकड़ कर थाना अतर्रा में बन्द रखा गया। पीड़िता के पति को राजनैतिक दबाव
के चलते झूठा फंसाया गया है एवं काल्पनिक गिरफ्तारी का दिनांक व समय तथा स्थान
दिखा करके जेल भेजा गया है जबकि पीड़िता के पति को एफआईआर लिखने से पहले
पुलिस ने पकड़कर थाने में निरूद्ध कर लिया था जबकि पीड़िता के पति एक व्यवसायी समाज सेवी एवं कृष्ण द्वैपायन वेद व्यास जन्म स्थानम् ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं अध्यक्ष है व पीड़िता के
वर्तमान में राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना व भाजपा समर्थक मंच के प्रदेश अध्यक्ष पति की राजनैतिक ख्याति को बिगाड़ने की नियत से दुर्भावनावस साजिश के तहत पूर्व नियोजित योजना अनुसार राजनैतिक दबाव से झूठा फंसाया गया है ।पीड़िता के सास
ससुर वृद्ध है इस परिस्थति में केस की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़िता के पति के विरूद्ध की जा रही साजिश की सत्यता को उजागर किया जाना न्याय हित में है। मांग है कि मु0अ0सं0 274 / 24 थाना अतर्रा के विवेचक को केस की सत्य एवं निष्पक्ष जांच / विवेचना करने हेतु आदेशित करने की मांग की है। ताकि पीडिता के पति दीपक कुमार गुप्ता को न्याय मिल सके।पीड़िता के पति दीपक कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के समय ना तो किसी से मिलने दिया गया और ना ही परिजनों को कोई जानकारी दी गई सोशल मीडिया के माध्यम से जिसकी जानकारी परिजनों को हुई थी साथ ही दीपक गुप्ता के साथ अतर्रा पुलिस ने बदलसूखी भी की है।