अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
*अतर्रा (बांदा)।* तथागत ज्ञानस्थली सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अतर्रा में दीपावली के पावन पर्व पर भव्य दीपावली मेले का आयोजन हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ किया गया। मेले में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिरुचि और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों ने प्रत्येक कक्षा के स्तर पर अलग-अलग आर्ट एवं क्राफ्ट की आकर्षक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। वहीं कक्षा 4 से 8 तक के विद्यार्थियों ने हाउसवार आर्ट एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी लगाई। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने विभिन्न हाउसों के माध्यम से मनमोहक रंगोली प्रतियोगिता में अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा विभिन्न आकर्षक स्टॉल लगाए गए। विद्यार्थियों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए और उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
मेले का आकर्षण इतना विशेष रहा कि *विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी (पास आउट छात्र-छात्राएँ)* भी अपने पुराने विद्यालय पहुँचे और अपने साथियों एवं शिक्षकों के साथ मेले का भरपूर आनंद लिया। इससे विद्यालय परिसर में उत्सव के साथ-साथ पुरानी यादों और आत्मीयता का भी सुंदर वातावरण बना रहा।
दीपावली के इस विशेष अवसरपर विद्यालय परिवार की ओर से डायरेक्टर महोदया किरण कुशवाहा जी ने सभी शिक्षकों को मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस आत्मीय पहल से शिक्षकों में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। यह अवसर विद्यालय में पारिवारिक सौहार्द, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना का सुंदर उदाहरण बना।
इस अवसर पर विद्यालय के *चेयरमैन श्री शिवशरण कुशवाहा जी, डायरेक्टर महोदया किरण कुशवाहा जी एवं प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव जी ने सभी स्टॉलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।* उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगोली एवं आर्ट-क्राफ्ट की कलाकृतियों की मुक्तकंठ से सराहना की तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर *श्रीमती राजाबाई जी* सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
*चेयरमैन श्री शिवशरण कुशवाहा जी* ने अपने संदेश में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें निखारना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच मिलना उनकी सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*डायरेक्टर महोदया किरण कुशवाहा जी* ने कहा कि बच्चों की कल्पनाशीलता और उनके हुनर को मंच प्रदान करना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। दीपावली जैसे पर्व हमें खुशियाँ बाँटने, सकारात्मकता अपनाने और अपनी प्रतिभा से दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यालय परिवार की मजबूत नींव हैं और उनका सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।
*प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव जी* ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों की मेहनत, अनुशासन, टीम भावना और उत्साह देखकर यह विश्वास और मजबूत होता है कि हमारे विद्यार्थी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को सीखने, समझने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
अंत में दीपावली मेले ने विद्यालय परिसर को उमंग, उल्लास, रचनात्मकता और आपसी सौहार्द के रंगों से सराबोर कर दिया। विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षकों का सहयोग और विद्यालय प्रबंधन का प्रोत्साहन इस आयोजन की विशेष उपलब्धि रही। यह दीपावली मेला विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार के लिए एक यादगार और आनंदमय अनुभव बन गया।