अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
*
*चित्रकूट, 6 नवंबर-* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘ओडीओपी’ योजना के संकल्प ने चित्रकूट के पारंपरिक लकड़ी के खिलौनों के व्यवसाय को नया जीवन दे दिया है। कभी दम तोड़ रही इस हस्तशिल्प कला की बदौलत आज चित्रकूट के शिल्पकारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। इस बार दीपावली के पावन पर्व पर चित्रकूट की ‘लोकल वाली दीवाली’ इन पारंपरिक और आकर्षक खिलौनों से रोशन होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
*पांच दिवसीय मेले में सजी लकड़ी के खिलौनो की दुकाने*
दीपावली के शुभ अवसर पर चित्रकूट में पांच दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया गया है। मेले में काष्ठ कला और मिट्टी के आकर्षक खिलौनों की कई दुकानें सजाई गई हैं, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेले में चीनी प्लास्टिक के सस्ते और नुकसानदेह खिलौनों को पछाड़ते हुए चित्रकूट के सुंदर और सुरक्षित लकड़ी के खिलौनों की जमकर खरीदारी हो रही है। बाजार में इन स्वदेशी खिलौनों की मची धूम साफ बयां कर रही है कि लोग अब अपनी संस्कृति और परंपराओं की ओर तेजी से लौट रहे हैं।
*ओडीओपी योजना के क्रियान्वयन से शिल्पकारों हो रहा खूब फायदा*
स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों का कहना है कि एक समय ऐसा था जब चीनी सामानों के बढ़ते चलन के कारण उनका हुनर दम तोड़ रहा था और परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों और ओडीओपी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उनको बहुत फायदा है। इस योजना के माध्यम से कारीगरों को न सिर्फ आर्थिक सहायता और आधुनिक टूलकिट मिले, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंचों पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।
*मेले में हो रही अच्छी बिक्री से हुनरमंदो में छाई खुशी*
मेले में दुकान लगाए कारीगरों ने योगी सरकार का गुणगान करते हुए कहा कि सरकारी संरक्षण मिलने से आज चित्रकूट का काष्ठ शिल्प की अच्छी पहचान बन गईं है। दीवाली के इस सीजन में हो रही अच्छी बिक्री से शिल्पकारो में खुशी है। योगी सरकार के प्रयासों से चित्रकूट के इस पारंपरिक शिल्प को संजीवनी मिली है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।